उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को निकालने के लिए बचाव अभियान चल रहा है। 21 बचावकर्मी ऑक्सीजन मास्क पहनकर ट्यूब की मदद से सुरंग में घुसे हैं।  

उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सुरंग में 11 दिन से फंसे 41 मजदूरों को बचाने की कोशिश जारी है। मजदूरों और उन्हें बचाने के लिए खुदाई कर लगाए जा रहे पाइप सुरंग में फंसे लोगों तक पहुंच गई है। 21 बचावकर्मी ऑक्सीजन मास्क पहनकर सुरंग में गए हैं। कभी भी बड़ी खबर मिल सकती है। सुरंग से निकाले जाने के बाद श्रमिकों के इलाज के लिए चिन्यालीसौड़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 41 बिस्तरों वाला अस्पताल तैयार किया गया है।

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सिल्कयारा में ढही सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बचाने के लिए अभियान बुधवार को 11वें दिन भी जारी है। ड्रिलिंग मशीन ने 39 मलबे को खोदा। 60 मीटर से अधिक हिस्से को साफ कर पाइप डाला गया है, जिससे फंसे हुए मजदूरों को निकाला जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं।

मंगलवार देर रात फिर से शुरू हुई ड्रिलिंग

ड्रिलिंग का काम मंगलवार देर रात फिर से शुरू हुआ। इसमें अच्छी प्रगति हुई है। मलबे में 39 मीटर तक ड्रिलिंग की गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय के पूर्व सलाहकार भास्कर खुल्बे ने बताया है कि सुरंग के अंदर पाइपलाइन लगाई गई है। सब कुछ ठीक चल रहा है।

सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए तीन रास्ते से खुदाई की गई। मलबे को हटाकर 900 मिमी और 800 मिमी का पाइप डाला गया है। इस पाइप से मजदूर रेंगते हुए बाहर आएंगे। इन्हें अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस मौके पर मौजूद हैं। 

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सुरंग में फंसे लोगों को पहले पाइप की मदद से ऑक्सीजन और सूखा भोजन पहुंचाया गया। मजदूरों को मंगलवार रात गर्म भोजन मिला, जिसमें शाकाहारी पुलाव, मटर-पनीर और मक्खन के साथ चपाती शामिल थी। भोजन 6 इंच चौड़ी पाइपलाइन के माध्यम से पहुंचाया गया। मजदूरों को फल भी दिए गए हैं।

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