वाघ बकरी चाय समूह के मालिक और कार्यकारी निदेशक पराग देसाई की 49 साल की उम्र में मौत हो गई। उनपर आवारा कुत्तों ने हमला किया था। ब्रेन हेमरेज के बाद वह कुछ दिनों तक वेंटिलेटर पर रहे। रविवार शाम को उनकी मृत्यु हो गई।

अहमदाबाद। वाघ बकरी चाय समूह के मालिक और कार्यकारी निदेशक पराग देसाई नहीं रहे। 49 साल की उम्र में रविवार शाम को उनकी मौत हो गई। उनपर आवारा कुत्तों ने हमला किया था। इसके चलते उन्हें ब्रेन हेमरेज हो गया था। वह कुछ दिनों तक वेंटिलेटर पर रहे, लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी।

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अहमदाबाद मिरर की रिपोर्ट के अनुसार 15 अक्टूबर को कारोबारी पराग देसाई अपने घर के बाहर थे तभी उनपर आवारा कुत्तों ने हमला किया था। कुत्तों से बचने की कोशिश में देसाई को गंभीर चोटें आईं थी। घर के बाहर मौजूद सुरक्षा गार्ड ने उनके परिवार के सदस्यों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद उन्हें शेल्बी अस्पताल ले जाया गया था।

देसाई को शेल्बी अस्पताल में एक दिन की निगरानी पर रखा गया था। इसके बाद सर्जरी के लिए उन्हें जायडस अस्पताल में ले जाया गया था। हालांकि रविवार को इलाज के दौरान ब्रेन हैमरेज के कारण उनकी मौत हो गई।

गुजरात कांग्रेस प्रमुख और राज्यसभा सदस्य शक्ति सिंह गोहिल ने देसाई के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट किया, "बहुत दुखद खबर आ रही है। वाघ बकरी टी के निदेशक और मालिक पराग देसाई का निधन हो गया है। गिरने के बाद उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ था। उसकी आत्मा को शांति मिलें। उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।"

देसाई वाघ बकरी चाय समूह के प्रबंध निदेशक रसेश देसाई के पुत्र थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी विदिशा और बेटी परीशा हैं।