केंद्र सरकार के वक्फ बिल पर ओवैसी ने उठाए सवाल। उन्होंने नायडू, नीतीश, पासवान और चौधरी से भाजपा का साथ देने पर जवाब मांगा। ओवैसी ने बिल को असंवैधानिक बताया।

Waqf Amendment Bill: केंद्र सरकार बुधवार को लोकसभा में वक्फ बिल पेश करने जा रही है। वक्फ संशोधन विधेयक पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ी बातें कहीं हैं। उन्होंने चंद्रबाबू नायडू, नीतीश कुमार, चिराग पासवान और जयंत चौधरी से कहा है कि आप भाजपा का साध दे रहे हैं लेकिन जनता को क्या जवाब देंगे।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "ये जो एनडीए की सरकार है जिसे चंद्रबाबू नायडू, नीतीश कुमार, चिराग पासवान और जयंत चौधरी सपोर्ट कर रहे हैं। ये वक्फ बिल असंवैधानिक है। यह आर्टिकल 14, 25, 26, 29 का गंभीर उल्लंघन है। ये वक्फ बिल नहीं है, बल्कि वक्फ बर्बाद बिल है। अगर चंद्रबाबू नायडू, नीतीश कुमार, चिराग पासवान और जयंत चौधरी इसकी तारीफ करेंगे तो वो अपने राजनीतिक कारणों से ऐसा कर रहे हैं। ये बात साबित हो जाएगी कि मुसलमानों के मस्जिदों, दरगाहों, खानखाहों और इवैक्यू वक्फ प्रॉपर्टी को लिमिटेशन का अप्लाई करेंगे तो कब्जा करने वालों को बढ़ावा मिलेगा। वो इसके लिए सपोर्ट कर रहे हैं। उनको ये देखना चाहिए कि सपोर्ट तो कर रहे हैं मगर आप 5 साल के बाद जनता के पास जाएंगे तो क्या जवाब देंगे। बिहार का चुनाव भी है।"

Scroll to load tweet…

ओवैसी ने पूछा वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम क्यों ला रहे हैं?

ओवैसी ने कहा, "सरकार वक्फ बाई यूजर निकाल रही है। हिंदू धर्म में मठ बाई यूजर, मंदिर बाई यूजर की अनुमति है। तो यहां पर क्यों अनुमित नहीं दे रहे हैं आप? हिंदू बंदोबस्ती बोर्ड में कोई गैर हिंदू सदस्य नहीं बन सकता तो यहां पर आप गैर मुस्लिम को क्यों बना रहे हैं? हिंदू बंदोबस्ती बोर्ड द्वारा किसी संपत्ति को हिंदू धर्म का घोषित करने में कलेक्टर का रोल नहीं है। वक्फ बोर्ड में कलेक्टर को लेकर क्यों आ रहे हैं। ये सब जो चीजें कर रहे हैं न, एक ही मकसद है मुसलमानों से नफरत, इस देश में हिंदुत्व की विचारधारा के तहत एक प्रोजेक्ट है, जिससे मुसलमानों को उनके धर्म से दूर करना, धार्मिक संपत्ति को छीन लेना।"