असम के एक गांव में महिला ने सलवार कमीज पहना तो पंचायत ने 5000 रुपये का जुर्माना लगाया और परिवार समेत समाज से बहिष्कृत कर दिया। महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

मंगलदाई। असम के मंगलदाई जिले के एक गांव में महिला ने सलवार कमीज पहना तो गांव के लोगों को यह नागवार गुजरा। ग्रामीणों ने पंचायत बुलाई और महिला पर 5000 रुपए का जुर्माना लगा दिया। इसके साथ ही उसे परिवार समेत समाज से बहिष्कृत कर दिया।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

अधिकारियों ने बुधवार को इस संबंध में जानकारी दी। घटना सिपाझार राजस्व क्षेत्र के गोंगाजानी कुवोरी गांव की है। पीड़ित महिला की पहचान मेघाली दास के रूप में हुई है। उसने बुधवार को पुलिस और सिविल अधिकारियों को शिकायत दी।

सलवार कमीज पहनने के कारण ग्रामीणों ने किया महिला का बहिष्कार

महिला ने कहा, "मुझे सलवार कमीज पहनने के कारण समाज से बहिष्कृत कर दिया गया है। 5000 रुपए जुर्माना भरने के लिए कहा गया है। मैं एक छोटी दुकान चलाती हूं। मुझे बाजार से सामान लाना होता है। इसके चलते मैं मेखला-सादोर (पारंपरिक असमिया पोशाक) या साड़ी की बजाय सलवार पहनना पसंद करती हूं।"

गांव में दूसरे लोगों के घर नहीं जा सकती महिला

मेघाली दास ने कहा कि ग्रामीणों ने उसके सलवार-कमीज पहनने पर आपत्ति जताई। रविवार को स्थानीय मंदिर परिसर में पंचायत बुलाकर जुर्माना लगाया गया। महिला ने कहा, "मुझे और मेरे परिवार के लोगों को गांव के दूसरे लोगों के घर जाने की अनुमति नहीं है। मेरे तीन बच्चों से कहा गया है कि दुकानों पर नहीं जाएं। गांव के लोगों ने अपने बच्चों से कहा है कि स्कूल में मेरे बच्चों से बात नहीं करें।"

गांव के लोगों ने महिला पर लगाया अवैध शराब बेचने का आरोप

गांव के लोगों द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद भी महिला सलवार-कमीज पहन रही है। उसने कहा है कि यह उसके काम के लिए सुविधाजनक है। दूसरी ओर गांव के लोगों ने स्वीकार किया कि सलवार कमीज और जिंस पहनने के चलते उन्होंने महिला पर जुर्माना लगाया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि महिला कई तरह के गैरकानूनी गतिविधियों में भी शामिल है। वह नकली सोना और अवैध रूप से शराब बेचती है।

यह भी पढ़ें- जिस लड़की से रेप के चलते गया जेल, बाहर आया तो किए उसके टुकड़े, यूं खुला भेद