PM Modi Red Fort Speech 2026 : 80वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी ने हर वर्ग के लिए कई बड़े ऐलान किए। लेकिन प्रधानमंत्री ने 5 से 15 साल के बच्चों के बीच एक देशव्यापी टैलेंट हंट शुरू करने का बड़ा ऐलान किया है। जिससे आपका बच्चा भी अब ओलंपिक में मेडल जीत सकता है।

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए 2036 ओलंपिक की मेजबानी की भारत की इच्छा को एक बार फिर दोहराया। साथ ही, उन्होंने 5 से 15 साल के बच्चों में खेल प्रतिभाओं को पहचानने के लिए एक देशव्यापी टैलेंट हंट का भी ऐलान किया।

2036 ओलंपिक के लिए पीएम मोदी का प्लानटट

  • शनिवार को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि खेलों में भारत का प्रदर्शन लगातार सुधर रहा है और देश 2036 ओलंपिक की दावेदारी के लिए एक मजबूत दावेदार के तौर पर आगे बढ़ रहा है।
  • ओलंपिक खेलों के दायरे पर रोशनी डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इनमें करीब 40 खेल और लगभग 325-350 इवेंट्स होते हैं, लेकिन भारत इनमें से करीब दो-तिहाई में या तो हिस्सा ही नहीं लेता या क्वालिफाई नहीं कर पाता है।
  • पीएम मोदी ने कहा, “2030 में भारत कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भी करने जा रहा है।”उन्होंने आगे कहा, "हमने तय किया है कि 2036 का ओलंपिक भारत में होना चाहिए। जिन खेलों में भारत नहीं खेलता या क्वालिफाई नहीं कर पाता, भारत उन पर ध्यान देगा और हम एक टैलेंट हंट अभियान शुरू करेंगे।"

हर गांव, हर शहर और हर स्कूल से निकलेंगे बच्चे

  • पीएम मोदी ने कहा कि 2036 ओलंपिक की तैयारी के लिए हमें युवा प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें निखारने की जरूरत है, खासकर उन बच्चों पर ध्यान देना होगा जो अभी पांच, 10 या 15 साल के हैं।
  • उन्होंने कहा, "हमें अपने बेटे-बेटियों पर ध्यान देना होगा। इसलिए, 5 से 15 साल के बच्चों में खेल प्रतिभाओं को पहचानने के लिए हर गांव, हर शहर और हर स्कूल में एक टैलेंट हंट अभियान चलाया जाएगा।"
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि पहचानी गई प्रतिभाओं को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे देश का प्रतिनिधित्व उच्चतम स्तर पर करने के लिए तैयार हो सकें।
  • पीएम मोदी ने कहा, "उनकी प्रतिभा को पहचाना जाएगा और उन्हें विशेष ट्रेनिंग देने के बाद, देश का प्रतिनिधित्व करने वाले अच्छे खिलाड़ी बनने के लिए तैयार किया जाएगा।"

ग्लासगो कॉमनवेल्थ रहा भारत का जलवा

  • हाल ही में, भारत ने ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपना अभियान 39 पदकों के साथ समाप्त किया, जिसमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल शामिल थे। भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा।
  • यह प्रदर्शन तब और खास हो जाता है जब कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी और शूटिंग जैसे पारंपरिक मेडल वाले खेल इस बार शामिल नहीं थे। इसके बावजूद भारत ने बॉक्सिंग, जूडो, वेटलिफ्टिंग और पैरा स्पोर्ट्स में शानदार प्रदर्शन किया।
    देश की महिला गोल्ड मेडलिस्ट में बॉक्सर जैस्मिन लम्बोरिया, प्रीति पंवार, प्रिया घनघस, साक्षी चौधरी और अरुंधति चौधरी के साथ-साथ वेटलिफ्टर मीराबाई चानू, जूडोका अस्मिता डे और पैरा-एथलीट शर्मिला धनकर शामिल थीं।

बॉक्सिंग में भारत को मिले 10 मेडल

  • बॉक्सिंग में भारत का 10 पदकों का प्रदर्शन कॉमनवेल्थ गेम्स में अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन बन गया। इससे पहले इंग्लैंड (1934 और 2018) और कनाडा (1986) ने 6-6 गोल्ड मेडल जीते थे।
  • अब भारतीय दल जापान के आइची प्रीफेक्चर और नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स की तैयारी में जुटा है।