Split in Shiv Sena UBT : शिवसेना UBT में फिर बगावत? 6 सांसदों की गैरहाजिरी से बढ़ी हलचल…अब आगे क्या होगा? 60 साल की शिवसेना, अब सबसे बड़ा सवाल—कौन जाएगा किसके साथ? महाराष्ट्र में सियासी तूफान! उद्धव गुट के अंदर क्या चल रहा है?
Aaditya Thackeray statement : शिवसेना (UBT) के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 के एक अहम संसदीय दल की बैठक में शामिल न होने के बाद पार्टी में एक और बगावत की अटकलें तेज हो गई हैं। इस घटनाक्रम के बाद विधायक आदित्य ठाकरे ने शुक्रवार को इस 'गंदी राजनीति' और चुनावी जनादेश के साथ विश्वासघात की कड़ी निंदा की है।

"ये बेशर्म, अहसान फरामोश और भ्रष्ट लोग
- पार्टी की 60वीं सालगिरह के मौके पर, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री ने उन दलबदलू नेताओं पर निशाना साधा, जिनके बारे में उन्होंने दावा किया कि उन्होंने निजी फायदे के लिए अपने समर्थकों को छोड़ दिया है।
- ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, "ये बेशर्म, अहसान फरामोश और भ्रष्ट लोग - जो 2024 में कुछ लोगों की वजह से जीते - अब उन्हीं को धोखा दे रहे हैं!" उन्होंने आगे इन नेताओं पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस प्रक्रिया में न केवल अपना राजनीतिक भविष्य, बल्कि अपनी और अपने परिवार की इज्जत भी बेच दी है।
शिवसेना दिवस पर बरसे आदित्य
- आदित्य ठाकरे ने पोस्ट में लिखा, "आज शिवसेना की 60वीं सालगिरह है। एक बार फिर हम गंदी राजनीति का एक परेशान करने वाला उदाहरण देख रहे हैं। ये बेशर्म, अहसान फरामोश और भ्रष्ट लोग, जो कुछ लोगों की मेहनत की वजह से 2024 में जीते, अब उन्हीं को धोखा दे रहे हैं। चाहे कितने भी बहाने बना लिए जाएं, सच वही रहता है - तुमने खुद को बेच दिया है। ऐसा करके, तुमने न केवल अपनी, बल्कि अपने परिवारों की प्रतिष्ठा से भी समझौता किया है।"
- राज्य के मौजूदा राजनीतिक माहौल पर बात करते हुए, ठाकरे ने विश्वास जताया कि मतदाता इस तरह के हथकंडों को खारिज कर देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि महाराष्ट्र इन प्रथाओं को बर्दाश्त नहीं करेगा, और अपनी पार्टी की मौजूदगी को व्यवस्था बहाल करने के लिए एक ज़रूरी ताकत बताया।
- "इस अंधेरे में, जो रोशनी लाएगा, वह कोई और नहीं बल्कि हमारी मशाल होगी!" ठाकरे ने अपनी पार्टी के चुनाव चिन्ह 'मशाल' का जिक्र करते हुए उसे मौजूदा राजनीतिक ट्रेंड के विकल्प के तौर पर पेश किया।
कौन हैं शिवसेना से बगावत करने वाले ये 6 सांसद?
- शिवसेना (UBT) पर संकट के बादल तब मंडराने लगे जब पार्टी के 9 में से 6 लोकसभा सांसदों ने नई दिल्ली में बुलाई गई बैठक में हिस्सा नहीं लिया। उनकी गैरमौजूदगी ने उनके शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने की अटकलों को हवा दे दी।
- यह घटनाक्रम शिवसेना (UBT) में एक और संभावित विभाजन की अफवाहों के बीच आया है, जिसे "ऑपरेशन टाइगर" कहा जा रहा है। अटकलें तब और तेज हो गईं जब पार्टी व्हिप के बावजूद शिवसेना (UBT) के 9 में से 6 सांसद - नागेश अष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे - बैठक से अनुपस्थित रहे।


