King Charles US Visit Security: व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट डिनर में गोलीबारी के बाद अमेरिका ने सुरक्षा कारणों से किंग चार्ल्स तृतीय के कुछ कार्यक्रम रद्द कर दिए। ट्रंप प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाई, जबकि ब्रिटेन ने भी अतिरिक्त सैनिक तैनात कर दिए।
व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर (WHCD) में हुई गोलीबारी के बाद अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी बीच अब ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स-तृतीय के अमेरिका दौरे को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। सुरक्षा कारणों से ट्रंप प्रशासन ने उनके कुछ कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। हालांकि पूरा दौरा रद्द नहीं किया गया है, लेकिन जिन परिस्थितियों में यह फैसला लिया गया है, उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज कर दी है। अमेरिका भी इस समय ब्रिटेन के राजा की सुरक्षा को लेकर किसी तरह का जोखिम लेने के पक्ष में नहीं दिख रहा।
WHCD फायरिंग के बाद बढ़ी चिंता
रविवार को व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान अचानक हुई गोलीबारी ने पूरे कार्यक्रम को दहशत में बदल दिया। इस आयोजन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और कैबिनेट के कई वरिष्ठ सदस्य मौजूद थे। कार्यक्रम शुरू होते ही एक शख्स ने गोलीबारी कर दी। सीक्रेट सर्विस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इस घटना ने अमेरिकी सुरक्षा तंत्र की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए। राष्ट्रपति ट्रंप ने बाद में कहा कि शूटर वहां तक पहुंचा जरूर, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं कर पाया।
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किंग चार्ल्स के कुछ कार्यक्रम रद्द
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआत में किंग चार्ल्स-III का पूरा दौरा रद्द करने पर विचार किया गया था, लेकिन बाद में केवल कुछ कार्यक्रमों को रद्द करने का फैसला लिया गया। अब तक यह सार्वजनिक नहीं किया गया है कि किन-किन कार्यक्रमों को रद्द किया गया है। हालांकि इतना साफ है कि अमेरिकी प्रशासन किसी भी तरह की सुरक्षा चूक नहीं चाहता। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका और ब्रिटेन के रिश्तों में भी कई स्तरों पर तनाव देखा जा रहा है।
ब्रिटेन ने खुद बढ़ाई सुरक्षा
किंग चार्ल्स की सुरक्षा को लेकर ब्रिटेन ने भी अतिरिक्त सतर्कता बरती है। वाशिंगटन में ब्रिटेन के राजदूत ने बताया कि लंदन से अतिरिक्त सैनिक बुलाए गए हैं, जो किंग की सुरक्षा में तैनात रहेंगे। उन्होंने कहा, “हम किंग चार्ल्स की सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक नहीं होने देंगे। हमारी प्राथमिकता उनकी यात्रा को सुरक्षित और सफल बनाना है।” आमतौर पर नाटो देशों के शीर्ष नेता जब वाशिंगटन आते हैं, तो सीमित निजी सुरक्षा स्टाफ ही साथ रहता है। लेकिन इस बार ब्रिटेन द्वारा अतिरिक्त सैनिक भेजना एक असामान्य कदम माना जा रहा है।
ट्रंप ने की किंग चार्ल्स की तारीफ
दौरा पूरी तरह रद्द न हो, इसके लिए डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर किंग चार्ल्स की तारीफ भी की। इसे दोनों देशों के रिश्तों को संतुलित बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक माहौल में किसी भी राजनयिक दौरे की सुरक्षा अब पहले से कहीं अधिक संवेदनशील हो चुकी है।
अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
अमेरिका की सीक्रेट सर्विस को दुनिया की सबसे मजबूत सुरक्षा एजेंसियों में गिना जाता है। ऐसे में राष्ट्रपति की मौजूदगी वाले कार्यक्रम में गोलीबारी होना सुरक्षा ढांचे पर बड़ा सवाल बन गया है। विशेष रूप से तब, जब उसी दौरान एक विदेशी राष्ट्राध्यक्ष के स्तर की शख्सियत का दौरा प्रस्तावित हो। WHCD की यह घटना अब सिर्फ एक सुरक्षा चूक नहीं, बल्कि अमेरिका की वैश्विक छवि से भी जुड़ा मामला बन चुकी है। किंग चार्ल्स के कार्यक्रमों में बदलाव इसी बढ़ती चिंता का संकेत माना जा रहा है।
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