आगरा मर्डर केस में खीर, नींद की गोलियां और बाथरूम के नीचे दबी लाश ने सबको चौंका दिया। पति की गुमशुदगी की कहानी कैसे खुली और पुलिस को कैसे मिला सबसे बड़ा सुराग?
Agra Murder Case: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली मर्डर मिस्ट्री सामने आई है, जिसने क्रिमिनल थ्रिलर फिल्मों की स्क्रिप्ट को भी पीछे छोड़ दिया है। एक 40 वर्षीय महिला पर आरोप है कि उसने अपने पति को पहले बेहद प्यार से मीठी खीर परोसी और फिर उसी घर के बाथरूम को उसकी कब्रगाह बना दिया। हफ़्तों तक वह उसी घर में अपनी दो बेटियों के साथ चैन की सांस लेती रही, रोज़ उसी बाथरूम का इस्तेमाल करती रही और बाहर दुनिया के सामने रो-रोकर पति के लापता होने का नाटक रचती रही। लेकिन कानून के हाथों से वो शातिर कातिल भी नहीं बच सकी। जब पुलिस ने टाइल वाला फर्श तोड़ा, तो नीचे जो दिखा उसने अनुभवी पुलिस अफसरों के भी होश उड़ा दिए।

मीठी खीर का 'जहरीला सस्पेंस': जब बेटियों ने पिता को बेसुध देखा
यह खौफनाक कहानी आगरा के देहतोरा इलाके की रेणुका धाम कॉलोनी की है। 16 साल पहले रूबी शर्मा की शादी सुरेंद्र शर्मा (44) से हुई थी। बाहर से खुशहाल दिखने वाले इस परिवार के भीतर घरेलू हिंसा और शराब की लत का एक भयानक तांडव चल रहा था। सुरेंद्र बेरोजगार था और शराब के पैसों के लिए आए दिन रूबी को बेरहमी से पीटता था। 18 मई की रात को रूबी ने इस प्रताड़ना का हमेशा के लिए अंत करने की ठान ली। उसने घर में स्वादिष्ट खीर बनाई, लेकिन उस मीठे स्वाद के पीछे मौत का सामान छिपा था। रूबी ने उस खीर में भारी मात्रा में नींद की गोलियां मिला दीं। खीर खाते ही सुरेंद्र बेसुध होकर फर्श पर गिर पड़ा। जब उनकी दो मासूम बेटियों ने पिता को इस हालत में देखा, तो उन्हें कुछ भी अजीब नहीं लगा; वे आदी थीं अपने पिता को शराब के नशे में घंटों तक ऐसे ही बेसुध पड़े देखने की। बेटियों को क्या पता था कि उनके पिता अब कभी नहीं जागेंगे।
'बाथरूम ग्रेवयार्ड': अगली सुबह का वो अकेला खूनी मिशन
पति को मौत की नींद सुलाने के बाद रूबी ने जो किया, वह किसी आम महिला के लिए सोचना भी नामुमकिन है। अगली सुबह उसने बेहद शातिराना अंदाज में अपनी दोनों बेटियों को अपने जीजा के घर छोड़ दिया। घर लौटकर वह अकेली थी, और सामने थी पति की लाश। उसने घर के बाथरूम का दरवाजा बंद किया और फर्श को खोदकर एक गहरा गड्ढा तैयार किया। सुरेंद्र की लाश को उस गड्ढे में धकेलने के बाद, उसने बाजार से मंगाए गए कंक्रीट प्लास्टर से उसे पूरी तरह सील कर दिया। सबूत मिटाने की सनक इस कदर थी कि उसने उस कंक्रीट के ऊपर हूबहू मैच करती हुई नई चमचमाती टाइलें लगा दीं, ताकि किसी को फर्श टूटने का जरा भी शक न हो। इसके बाद वह पुलिस स्टेशन पहुंची और खुद पति के गायब होने की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
एटीएम कार्ड की वो सीक्रेट मिस्ट्री: एक गलती और बिखर गया झूठ का किला
पुलिस हफ़्तों तक सुरेंद्र की तलाश में खाक छानती रही, लेकिन मामला तब उलझ गया जब सुरेंद्र के भाई अनिल शर्मा ने एक बेहद अजीब बात नोटिस की। सुरेंद्र के लापता होने के बाद भी उनके परिवार के पेंशन खाते से लगातार एटीएम (ATM) के जरिए नकद पैसे निकाले जा रहे थे। चूंकि एटीएम कार्ड सुरेंद्र के पास रहता था, इसलिए अनिल को शक हुआ कि अगर भाई गायब है तो पैसे कौन निकाल रहा है? अनिल ने तुरंत इसकी सूचना सिकंदरा पुलिस को दी। पुलिस ने जब बैंक स्टेटमेंट और परिवार के बयानों का मिलान किया, तो रूबी के बयानों में भारी विसंगतियां (Contradictions) मिलीं। संदेह के घेरे में आते ही पुलिस की टीम सीधे रूबी के घर के बाथरूम तक जा पहुंची। जब पुलिस ने नवनिर्मित टाइलों वाले फर्श को कुदाल से तोड़ा, तो हफ्तों पुराना सड़ चुका कंकाल बाहर आ गया। एसीपी हरिपरवत अमीषा ने पुष्टि की है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपी रूबी हिरासत में है।
मारपीट, शराब की लत और घरेलू विवाद बना वजह?
जांच में सामने आया है कि सुरेंद्र शर्मा लंबे समय से बेरोजगार थे और कथित तौर पर शराब के आदी थे। पुलिस का कहना है कि वह अक्सर शराब के लिए पत्नी से पैसे मांगते थे और इनकार करने पर उसके साथ मारपीट करते थे। पड़ोसियों ने भी दंपति के बीच अक्सर होने वाले झगड़ों की पुष्टि की है। करीब 16 साल पुराने इस विवाह से उनकी दो बेटियां हैं। परिवार की आय का मुख्य स्रोत सुरेंद्र के दिवंगत पिता की पेंशन थी, जिसे वह अपने भाई के साथ साझा करते थे।
बेटियों को नहीं हुआ शक, क्योंकि यह दृश्य था 'सामान्य'
पुलिस के अनुसार, जब कथित तौर पर सुरेंद्र नींद की गोलियों के असर से बेसुध पड़े थे, तब उनकी बेटियों ने भी इसे असामान्य नहीं माना। जांचकर्ताओं का कहना है कि वे उन्हें शराब पीने के बाद घंटों तक सोते हुए देखने की आदी थीं। इसी वजह से किसी ने तत्काल संदेह नहीं किया। आरोप है कि अगले दिन रूबी ने बेटियों को रिश्तेदार के घर छोड़ा और लौटकर बाथरूम में गड्ढा खोदकर शव को दफनाया। इसके बाद उस स्थान को कंक्रीट से भरकर नई टाइलें लगा दी गईं ताकि किसी को शक न हो।
पुलिस को गहरा शक: क्या इस 'खूनी खेल' के पीछे कोई तीसरा चेहरा भी है?
पूछताछ में रूबी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है, लेकिन पुलिस के आला अधिकारी इस थ्योरी पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) सैयद अली अब्बास ने मामले में सस्पेंस बढ़ाते हुए कहा, "एक महिला के लिए अकेले किसी व्यक्ति की इतनी क्रूरता से हत्या करना, फिर भारी कंक्रीट मिक्सर तैयार करके घर के अंदर ही लाश को दफनाना और टाइलें लगाना लगभग नामुमकिन लगता है।" पुलिस को अंदेशा है कि इस खौफनाक साजिश को अंजाम देने या कंक्रीट का काम करने में रूबी के साथ कोई और 'तीसरा' मददगार भी शामिल था। फिलहाल पुलिस कॉल डिटेल्स और फॉरेंसिक सबूतों के जरिए उस छिपे हुए सह-आरोपी की तलाश कर रही है। आगरा का यह 'बाथरूम मर्डर केस' अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।


