Akola Murder Case Maharashtra: महाराष्ट्र के अकोला में मामूली कहासुनी खूनी वारदात में बदल गई। ‘तू मुझे घूर क्यों रहा है?’ इस सवाल से शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि 19 साल के युवक शेख माविस की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने छह घंटे के अंदर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
महाराष्ट्र के अकोला में एक छोटी सी कहासुनी ने इतना बड़ा रूप ले लिया कि 19 साल के एक लड़के की जान चली गई। घटना दबकी रोड के पास देर रात हुई, जहां युवकों के दो गुट आपस में भिड़ गए। झगड़ा सिर्फ इस बात पर शुरू हुआ था कि 'तू मुझे घूर क्यों रहा है?' देखते ही देखते ये मामूली सवाल एक खूनी खेल में बदल गया। मारे गए लड़के का नाम शेख माविस अमन मोहम्मद आजम है। घटना के वक्त वह अपने दोस्त शेख तनवीर शेख नासिर के साथ था। दोनों इलाके की एक सिगरेट की दुकान के पास खड़े थे, तभी ये विवाद शुरू हुआ।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि आरोपी अर्जुन नरेंद्र धनावत ने शेख माविस को अपनी तरफ देखते हुए देखकर बहस शुरू कर दी। बात इतनी बढ़ गई कि और भी लोग इसमें शामिल हो गए और जल्द ही कहासुनी मारपीट में बदल गई।
लड़ाई के दौरान, आरोपी और उसके साथियों ने दोनों युवकों की पिटाई की। इसी हंगामे के बीच, शेख माविस के पेट में चाकू घोंप दिया गया। वह गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।
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चाकू लगने से पीड़ित की मौत
चाकू लगने के बाद घायल युवक को फौरन अस्पताल ले जाया गया। लेकिन, घाव इतने गहरे थे कि उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। उसकी मौत से इलाके में तनाव फैल गया, क्योंकि लोग इस बात से हैरान थे कि इतनी छोटी सी बात पर किसी की हत्या हो सकती है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तुरंत जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने फौरन बनाई कई टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस के बड़े अधिकारी फौरन हरकत में आए। सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस अर्चित चांडक ने जांच की कमान संभाली। आरोपियों को पकड़ने के लिए लोकल पुलिस और क्राइम ब्रांच की कुल आठ टीमें बनाई गईं।
पुलिस ने टेक्निकल सबूतों और स्थानीय जानकारी के आधार पर शहर के अलग-अलग इलाकों में तलाशी अभियान चलाया।
छह घंटे के अंदर तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने सिर्फ छह घंटे के अंदर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए लोगों की पहचान अकोला के ही रहने वाले अर्जुन धनावत (23), अनिकेत बालापुर (18) और विशाल सिरसोले (23) के रूप में हुई है।
उनकी तेजी से हुई गिरफ्तारी ने शहर में तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई एडिशनल सुपरिटेंडेंट बी. चंद्रकांत रेड्डी और सब-डिविजनल ऑफिसर सुदर्शन पाटिल जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई।
पुलिस ने कहा है कि मामले की आगे की जांच अभी जारी है। अधिकारी घटना की पूरी जानकारी जुटाने और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इसमें और भी लोग शामिल थे।इस घटना ने एक बार फिर इस बात पर चिंता बढ़ा दी है कि कैसे छोटी-छोटी बहसें भी गंभीर अपराधों में बदल सकती हैं। अधिकारियों ने लोगों से शांत रहने और ऐसी स्थितियों में हिंसा से बचने की अपील की है।
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