Kodanad Elephant Rescue: कोडानाड के जिस हाथी के बच्चे को दयामृत्यु देने की सलाह दी गई थी, उसे अब इलाज के लिए गुजरात के वनतारा भेजा जा रहा है। नेदुम्बस्सेरी से एक विशेष विमान के जरिए उसे ले जाया जाएगा। अनंत अंबानी की पहल से इस बेजुबान को नई जिंदगी मिलने की उम्मीद जगी है।
Baby Elephant Airlifted to Gujarat: जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे एक नन्हे हाथी के लिए अब नई उम्मीद जगी है। गंभीर बीमारी और चोट से परेशान इस हाथी के बच्चे को बेहतर इलाज के लिए केरल से गुजरात के जामनगर स्थित वनतारा ले जाया जाएगा। खास बात यह है कि जो हाथी का बच्चा अपने पैरों पर खड़ा तक नहीं हो पा रहा, उसे क्रेन और विशेष चार्टर्ड विमान की मदद से एयरलिफ्ट किया जाएगा।
वनतारा में होगा हाथी के बच्चे का इलाज
जानकारी के मुताबिक, हाथी का यह बच्चा जन्म से ही हड्डियों की बीमारी से जूझ रहा है। पिछले साल अप्रैल में उसे कोडानाड अभयारण्य लाया गया था। इसी दौरान गिरने की वजह से उसके कंधे में गंभीर चोट भी आ गई। हालत इतनी खराब है कि फिलहाल वह अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सकता है।
पहले की गई थी इच्छामृत्यु की सिफारिश
केरल में हाथी के बच्चे के इलाज के लिए पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण हेल्थ मॉनिटरिंग कमेटी ने उसे इच्छामृत्यु देने की सिफारिश की थी। हालांकि, बाद में उसे एक और मौका देने का फैसला लिया गया। इसके तहत बेहतर और विशेषज्ञ इलाज के लिए उसे गुजरात के वनतारा भेजने की तैयारी की गई।
क्रेन की मदद से लॉरी में किया जाएगा शिफ्ट
हाथी का बच्चा खुद चलने में सक्षम नहीं है। ऐसे में उसे क्रेन की मदद से सावधानीपूर्वक लॉरी में शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद उसे नेदुम्बस्सेरी हवाई अड्डे पहुंचाया जाएगा। यहां से विशेष चार्टर्ड विमान के जरिए उसे जामनगर एयरलिफ्ट किया जाएगा। दोपहर करीब 2 बजे उसके वनतारा पहुंचने की उम्मीद है।
ठीक होने पर केरल वापस लाया जाएगा
इस पूरे सफर के दौरान वन विभाग की एक विशेष टीम भी हाथी के बच्चे के साथ मौजूद रहेगी। वनतारा में विशेषज्ञ डॉक्टर उसकी बीमारी और चोट का इलाज करेंगे। अगर इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ हो जाता है, तो उसे वापस केरल लाया जाएगा। फिलहाल इस नन्हे हाथी की जिंदगी बचाने की उम्मीद वनतारा के विशेषज्ञों पर टिकी है।




