महाराष्ट्र में नासिक के अशोक खरात दुष्कर्म केस में आए दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इस केस के लिए गठित SIT अब खरात के मोबाइल डेटा, संपत्ति और औरतों के साथ दुष्कर्म से पहले पिलाए जाने वाले ‘खारे पानी’ की जांच कर रही है। 

Ashok Kharat Case Updates: महिलाओं से दुष्कर्म के मामले में नासिक के ज्योतिषी अशोक खरात की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन पड़ताल जारी है और अभी कई अहम पहलुओं पर खुलासे हो सकते हैं। जांच अधिकारी के मुताबिक, खरात के जब्त किए गए मोबाइल फोन की क्लोन कॉपी का एनालिसिस करना है। इसके लिए डिजिटल एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है। इस प्रॉसेस को खरात की मौजूदगी में ही पूरा किया जाएगा।

जांच में सहयोग नहीं कर रहा आरोपी खरात

सहायक सरकारी वकील शैलेंद्र बागाडे ने कोर्ट को बताया कि SIT कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच कर रही है, लेकिन आरोपी अशोक खरात इस जांच में पूरा सहयोग नहीं कर रहा है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि खरात ने अपने कई अहम संपर्कों के नंबर किसी और नाम या सरनेम से सेव किए हो सकते हैं। इसलिए उसकी मौजूदगी में ही मोबाइल डेटा की जांच करना बेहद जरूरी है।

पीड़िता का बयान: ‘कड़वा पानी’ पिलाने का आरोप

सरकारी वकील के अनुसार, जिस केस में खरात को गिरफ्तार किया गया, उसमें उसने पीड़िता को पीने के लिए “खारा और कड़वा पानी” दिया था। यह पानी पीने के बाद पीड़िता को चक्कर आने लगे, जिसके बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। अब SIT इस बात की जांच कर रही है कि उस पानी में आखिर ऐसा क्या मिलाया गया था और उसका सोर्स क्या था।

रूपाली चाकणकर कनेक्शन: SIT ने क्या कहा

इस मामले में रूपाली चाकणकर का नाम भी सामने आया है। वह खरात के चैरिटेबल ट्रस्ट से ट्रस्टी के रूप में जुड़ी हुई थीं। इस केस को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस भी हो चुकी है।

संपत्ति की जांच: बेनामी संपत्ति का शक

जांच एजेंसियां खरात की चल और अचल संपत्तियों की भी जांच कर रही हैं। उन्हें शक है कि उसने कई संपत्तियां अपने नाम या अन्य लोगों के नाम पर हासिल की हो सकती हैं। इसी बीच ये भी पता चला है कि अशोक खरात महिलाओं का यौन शोषण करने के साथ ही कई बिजनेसमैन को भी ठग चुका है। यहां तक कि अशोक खरात का नाम 100 से ज्यादा बैंक खातों में बतौर नॉमिनी दर्ज है। इससे साफ है कि लोगों के वित्तीय मामलों में उसकी काफी दखलंदाजी होती थी। कहा तो ये भी जा रहा है कि अशोक खरात का एक बैंक खाता रूपाली चाकणकर की बहन के नाम पर भी है।