नासिक के गॉडमैन अशोक खरात केस में SIT पूछताछ के दौरान तबीयत बिगड़ने से हंगामा हुआ। ED और IT ने फर्जी खातों, जमीन निवेश और रसूखदार भक्तों के नेटवर्क की जांच तेज कर दी है। 15 केस दर्ज, बड़े खुलासों की उम्मीद।
Ashok Kharat Viral Video Case Latest Update: महाराष्ट्र के नासिक में बलात्कार के आरोपी ढोंगी बाबा अशोक खरात का केस लगातार उलझता जा रहा है। SIT की पूछताछ के दौरान हुए घटनाक्रम ने इस केस को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है। जांच एजेंसियां अब इस मामले को हर एंगल से खंगाल रही हैं। बता दें कि एक पीड़िता द्वारा लंबे समय से यौन उत्पीड़न की शिकायत के बाद शरात को 17 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।
SIT पूछताछ के दौरान बिगड़ी तबीयत, मंगानी पड़ी कार्डियक एम्बुलेंस
SIT की टीम अशोक खरात से लगातार पूछताछ कर रही है। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। उसने सीने में दर्द, तेज सिरदर्द और उल्टी की शिकायत की। इसके बाद उसे फौरन ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। स्थिति गंभीर लगने पर कार्डियक एम्बुलेंस बुलाई गई और डॉक्टरों की निगरानी में उसकी जांच की गई। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले ही उसके वकीलों ने न्यूरोसर्जन से इलाज कराने की मांग की थी, जिसे जांच एजेंसियां शक की नजर से देख रही हैं।
ED की जांच में सामने आई पावरफुल भक्तों की लिस्ट
सूत्रों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अशोक खरात से जुड़े अमीर और प्रभावशाली लोगों की एक सूची तैयार की है। जांच एजेंसियों को शक है कि इन लोगों के जरिए बड़े पैमाने पर पैसों का लेनदेन हुआ। एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि कहीं आश्रम और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल काले धन को सफेद करने के लिए तो नहीं किया गया।
15 केस दर्ज होने के बाद ED और IT विभाग की एंट्री
अशोक खरात के खिलाफ अब तक कुल 15 आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, आर्थिक गड़बड़ियों के संकेत भी मिलने लगे। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (IT) ने भी जांच शुरू कर दी। 13 अप्रैल को IT और ED की टीमों ने मिलकर नासिक, पुणे और शिरडी में खरात के 11 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी।
फर्जी बैंक खातों और जमीन निवेश का खुलासा
जांच में पता चला है कि अशोक खरात ने नासिक की दो को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी में कई फर्जी बैंक खाते खुलवाए थे। ये खाते अलग-अलग लोगों के नाम पर थे, लेकिन उनमें वह खुद नॉमिनी था। वह अपने मोबाइल नंबर के जरिए इन खातों को कंट्रोल करता था। आरोप है कि वह आम चीजों को ‘चमत्कारी’ बताकर भक्तों से बड़ी रकम वसूलता था। इस पैसे को उसने अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रकाश पोफले और उनके बेटों के जरिए जमीनों में निवेश किया।
जांच के दायरे में आए और लोग, बड़े खुलासों की संभावना
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ अशोक खरात तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें शामिल अन्य लोगों, रसूखदार भक्तों और आर्थिक लेनदेन से जुड़े लोगों से भी पूछताछ हो सकती है। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। इस केस में महाराष्ट्र महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और एनसीपी नेता रुपाली चाकणकर और उनकी बहन का नाम भी सामने आया है।

