अयोध्या चंदा घोटाले पर SIT की फाइनल रिपोर्ट जल्द आएगी। कुछ गिरफ्तारियों के बाद मंदिर ट्रस्ट में फेरबदल संभव है। वहीं, विरोध में अयोध्या जा रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने रोककर नजरबंद कर दिया है।
लखनऊ: अयोध्या राम मंदिर के चंदे में हुए घोटाले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) शुक्रवार तक अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंप देगी। शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने विदेश दौरे से लौट आए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि मंदिर ट्रस्ट में फेरबदल जैसे बड़े फैसलों पर जल्द ही कोई निर्णय लिया जा सकता है। SIT अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी, जिसमें अयोध्या में भक्तों के चढ़ावे और दान के पैसों में बड़े पैमाने पर हुई हेराफेरी का खुलासा होने की उम्मीद है।

इस मामले ने बीजेपी और सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है। खबर है कि पीएम मोदी के दखल के बाद 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र' ट्रस्ट में बड़ा फेरबदल हो सकता है। इसी बीच, चंदा घोटाले के विरोध में अयोध्या जा रहे कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल को यूपी पुलिस ने रोक दिया, जिससे एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि योगी आदित्यनाथ सरकार अयोध्या में हुए घोटाले का विरोध करने पहुंचे कांग्रेस नेताओं से डर गई है।
पार्टी का दावा है कि यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय समेत कई बड़े नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर अयोध्या के 'पदम श्री पैलेस' होटल में नजरबंद कर दिया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भगवान श्री राम किसी एक राजनीतिक दल या विचारधारा की संपत्ति नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या में चंदा लूटने वाले लोग रामभक्तों से डरते हैं और इस तरह की गैर-लोकतांत्रिक हरकतों से कांग्रेस को कमजोर नहीं किया जा सकता। अजय राय के साथ इस टीम में सांसद किशोरी लाल शर्मा और राकेश राठौड़ जैसे वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। विपक्ष के बढ़ते विरोध को देखते हुए पुलिस ने अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
