Ram Temple CEO Vacancy : अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट ने चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पद के लिए वैंकेसी निकाली है। जिसके अप्लाई करने की आखिरी तारीख 18 जुलाई रखी गई है।
अयोध्या (उत्तर प्रदेश): श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के पद के लिए भर्तियां निकाली हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मंदिर को मिले चंदे में कथित हेराफेरी के मामले की SIT जांच चल रही है। यह फैसला शुक्रवार को नई दिल्ली में हुई एक बैठक के बाद लिया गया, जिसमें CEO की नियुक्ति और उसकी योग्यताओं पर चर्चा हुई थी।
क्या होगी राम मंदिर CEO की सैलरी?
राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अप्लाई करने की आखिरी तारीख 18 जुलाई शाम 4 बजे है। रही बात राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ की सैलरी की तो इसको लेकर नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सैलरी और दूसरे भत्ते आपसी बातचीत से तय किए जाएंगे।
कौन कर सकता है अप्लाई?
- आवेदन करने वाले के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से कम से कम बैचलर डिग्री होनी चाहिए।
- उम्मीदवार की उम्र 50 से 70 साल के बीच होनी चाहिए।
- बड़े सरकारी संगठन, संस्थान, विभाग या कंपनी में कम से कम 20 साल का मैनेजरियल अनुभव होना जरूरी है।
- आवेदक को एडमिनिस्ट्रेशन, फाइनेंस, अकाउंट्स, ह्यूमन रिसोर्स, पब्लिक रिलेशंस, IT, सिक्योरिटी और कानूनी मामलों का अनुभव होना चाहिए।
इन लोगों को दी जाएगी प्राथमिकता?
ट्रस्ट ने कहा है कि उन उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी जो चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर रह चुके हैं या जिन्हें किसी मंदिर या हिंदू धार्मिक संस्थान को संभालने का अनुभव है। संबंधित अनुभव वाले रिटायर्ड अधिकारियों को भी अप्लाई करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
क्या होगी CEO की जिम्मेदारी?
CEO की नियुक्ति तीन साल के कॉन्ट्रैक्ट पर होगी, जिसे अच्छे काम के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है। चुने गए CEO ट्रस्ट के एडमिनिस्ट्रेशन, भविष्य के डेवलपमेंट, कानूनी नियमों का पालन, वित्तीय पारदर्शिता और सरकारी एजेंसियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था का तालमेल देखेंगे। इसके अलावा, धार्मिक अनुष्ठानों, त्योहारों की देखरेख, भक्तों की सुरक्षा व सुविधा और खास मेहमानों के लिए इंतजाम का जिम्मा भी उन्हीं पर होगा।
नृपेंद्र मिश्रा ने क्या कहा?
- इस बीच, राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने रविवार को बताया कि CEO सीधे ट्रस्ट की देखरेख में काम करेंगे। उन्होंने कहा, “जैसा कि नाम से ही पता चलता है, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर मैनेजमेंट के हेड होंगे। वे ट्रस्ट के तहत काम करेंगे और यह ट्रस्ट पर निर्भर करता है कि वह CEO को कितनी पावर देता है।”
- हालांकि, मिश्रा ने खुद को इस हाई-प्रोफाइल पद के लिए चयन प्रक्रिया से दूर बताते हुए कहा, “मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता कि किसके नाम पर विचार हो रहा है। मैं उस बैठक में कभी नहीं बैठूंगा। यह तीन सदस्यों की कमेटी है और मैं इसका सदस्य नहीं हूं।”
- सूत्रों के मुताबिक, अगले महीने के अंदर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश की जा रही है।


