अयोध्या मंदिर दान चोरी मामले में VHP के चंपत राय पर SIT का शिकंजा कस रहा है। 5 आरोपियों के पैसे ले जाने का CCTV फुटेज सामने आया है। बीजेपी नेता विनय कटियार ने राय समेत अन्य ट्रस्टियों के जेल जाने की आशंका जताई है।
नई दिल्ली: अयोध्या मंदिर में दान चोरी के मामले में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के उपाध्यक्ष चंपत राय पर शिकंजा कसता जा रहा है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने कल चंपत राय से पूछताछ की थी और उन्हें फिर से हाजिर होने के लिए नोटिस दिया है। इसी बीच, बीजेपी के सीनियर नेता विनय कटियार ने कहा है कि चंपत राय और ट्रस्ट के दूसरे पदाधिकारी जेल जा सकते हैं। पुलिस के हाथ एक CCTV फुटेज लगा है, जिसमें आरोपी दान के पैसे बाहर ले जाते दिख रहे हैं। इसे जांच में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।

देश के सबसे बड़े मंदिर घोटालों में से एक माने जा रहे इस मामले से चंपत राय का बचना मुश्किल लग रहा है। SIT उनसे दो बार पूछताछ कर चुकी है और फिर से बुलाया है। हो सकता है आज या आने वाले दिनों में उनसे फिर सवाल-जवाब हों। सूत्रों का कहना है कि राय अहम सवालों से बच रहे हैं और सिर्फ अपनी बेगुनाही साबित करने वाले जवाब दे रहे हैं। राय के साथ 20 साल से काम कर रहे टिंकू यादव ने अपने बयान में कहा है कि राय को इस घोटाले की जानकारी थी। यहां तक कि दान गिनने के लिए रखे गए लोगों का आखिरी इंटरव्यू भी चंपत राय और अनिल मिश्रा ने ही लिया था। अयोध्या बार एसोसिएशन भी चंपत राय की गिरफ्तारी के लिए दबाव बना रहा है।
विनय कटियार का यह कहना कि राय के साथ ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव भी जेल जा सकते हैं, काफी अहम माना जा रहा है। कटियार ने बताया कि उन्होंने इस घोटाले के बारे में प्रधानमंत्री से भी बात की थी, जिस पर पीएम ने पूछा कि भविष्य में क्या होगा।
इस बीच, एक CCTV फुटेज सामने आया है जिसमें 5 आरोपी दानपात्र से पैसे निकालकर मंदिर से बाहर ले जाते दिख रहे हैं। फुटेज में दिखता है कि पैसा पहले टॉयलेट में ले जाया जाता है, फिर कई लोगों के जरिए बाहर पहुंचाया जाता है। जांच टीम के मुताबिक, 45 दिनों की फुटेज से साफ है कि बाहर लगे CCTV कैमरों से बचने के लिए उनके सामने भीड़ खड़ी की जाती थी। बता दें कि ट्रस्ट ने दान गिनने के लिए 50 लोगों को काम पर रखा था।
उधर, योगी सरकार उन घरों को गिराने की तैयारी में है, जो इस घोटाले के 'स्मारक' बन सकते हैं। माना जा रहा है कि ये घर चोरी के पैसों से बनाए जा रहे हैं। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने लव कुश मिश्रा के बाद अब एक और आरोपी अनुकल्प मिश्रा को भी घर गिराने का नोटिस दिया है।
