बेंगलुरु ट्रिपल मर्डर ने सबको चौंका दिया। यहां के 34 वर्षीय प्रशांत ने कथित तौर पर अपनी मां, दादी और साले की चाकू मारकर हत्या कर दी, फिर फांसी लगा ली। पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मानसिक स्वास्थ्य और हत्या के मकसद की जांच जारी है। 

बेंगलुरु: IT सिटी बेंगलुरु के एक शांत इलाके से शनिवार सुबह एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई, जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। एक 34 वर्षीय व्यक्ति ने प्रतिशोध या फिर अपनी मानसिक सनक के चलते एक ही झटके में अपने हंसते-खेलते परिवार को खत्म कर दिया। आरोपी ने अपनी सगी मां, बुजुर्ग दादी और अविवाहित साले पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इस तिहरे हत्याकांड (ट्रिपल मर्डर) को अंजाम देने के बाद जब वह भागने में नाकाम रहा, तो उसने खुद भी फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। एक ही घर से चार लाशें मिलने के बाद इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।

रात का सन्नाटा और खूनी खेल: जब रक्षक ही बन गया भक्षक

यह रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान 34 वर्षीय प्रशांत के रूप में हुई है, जो पेशे से एक ड्राइवर था। वह अपनी मां मंगलम्मा (55 वर्ष), जो एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करती थीं, अपनी बुजुर्ग दादी नंजम्मा, जो स्वीपर का काम करती थीं, और अपने अविवाहित साले सतीश (50 वर्ष), जो प्लंबर का काम करता था, के साथ रहता था। आधी रात को जब पूरा परिवार गहरी नींद में सोया हुआ था, तब प्रशांत के सिर पर खून सवार हो गया। उसने घर में रखे धारदार चाकू को उठाया और एक-एक कर तीनों पर जानलेवा हमला कर दिया। चीख-पुकार मचाने का मौका दिए बिना प्रशांत ने तीनों को लहूलुहान कर दिया और मौके पर ही उनकी सांसें थम गईं।

स्थानीय लोगों का घेराव और वो बंद कमरा: आखिरी वक्त में फंसा कातिल

एक रिपोर्ट के अनुसार, इस भयानक कत्लेआम को अंजाम देने के बाद प्रशांत ने रात के अंधेरे में ही घर से भागने की कोशिश की। लेकिन शायद उसकी किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। घर के भीतर से आ रही कुछ संदिग्ध आवाजों और प्रशांत की हड़बड़ाहट को भांपकर आसपास के स्थानीय लोग तुरंत इकट्ठा हो गए। लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए कातिल प्रशांत को घेर लिया। अपनी जान बचाने और पुलिस के हवाले होने के डर से प्रशांत वापस घर के अंदर भागा, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने बाहर से कुंडी लगाकर उसे उसी खूनी मंजर के बीच कैद कर दिया। लोगों को लगा कि सुबह पुलिस के आते ही उसे पकड़वा दिया जाएगा, लेकिन बंद कमरे के भीतर प्रशांत एक और खौफनाक कदम उठाने की तैयारी कर रहा था। जब सुबह पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई, तो प्रशांत का शव सीलिंग फैन से लटकता हुआ मिला।

मेंटल हेल्थ का वो छिपा हुआ सच: आखिर क्यों मिटा दिया पूरा परिवार?

प्रशासन ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस को घटनास्थल से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे इस सामूहिक हत्याकांड की गुत्थी और उलझ गई है। लोकल पुलिस अधिकारी का कहना है, "शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी प्रशांत कथित तौर पर गंभीर मानसिक स्वास्थ्य (मेंटल हेल्थ) से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहा था। हम उसके इलाज और मेडिकल हिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि इस भयावह कदम के पीछे की सही वजह का पता लगाया जा सके।" पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि मानसिक तनाव या बीमारी को नजरअंदाज करना कितना आत्मघाती हो सकता है।

पुलिस कर रही हर एंगल से जांच

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हत्या व आत्महत्या के पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमॉर्टम, डिजिटल साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस दिल दहला देने वाली घटना के पीछे असली मकसद क्या था और उस रात आखिर घर के अंदर क्या हुआ था। जरूरी सूचना: यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव, अवसाद या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, विश्वसनीय परिजन या उपलब्ध हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क करें। समय पर सहायता लेना बेहद महत्वपूर्ण है।

संकट में यहां लें मदद (हेल्पलाइन):

  • वंद्रेवाला फाउंडेशन फॉर मेंटल हेल्थ: 9999666555 (या ईमेल करें: help@vandrevalafoundation.com)
  • TISS iCall: 022-25521111 (सोमवार से शनिवार, सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक)

(अगर आप या आपका कोई जानने वाला किसी भी तरह के मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो कृपया तुरंत नजदीकी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें। सहायता हमेशा उपलब्ध है।)