Mamata Banerjee Phone Call Leak: भवानीपुर चुनाव विवाद में ममता बनर्जी ने EVM गड़बड़ी, वोट काउंटिंग धांधली और गिनती केंद्र हिंसा के गंभीर आरोप लगाए। TMC का दावा-हार नहीं, “साजिश से बदला गया नतीजा”, चुनाव आयोग और BJP पर सवाल, कानूनी लड़ाई की तैयारी जारी।
Mamata Banerjee Bhabanipur Controversy: पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर तीखे आरोपों और चुनावी विवादों के केंद्र में है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा सार्वजनिक की गई एक कथित फोन बातचीत में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के चुनाव परिणामों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बातचीत में ममता बनर्जी ने दावा किया कि वोटों की गिनती के दौरान “अनियमितताएं और दबाव की स्थिति” बनी रही, जिसे उन्होंने एक “चुराया हुआ जनादेश” करार दिया।
“गुंडों ने गिनती केंद्रों पर कब्ज़ा किया”-आरोपों की श्रृंखला
फोन कॉल के अनुसार, ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि गिनती केंद्रों पर कुछ “असामाजिक तत्वों” ने प्रवेश कर वातावरण को प्रभावित किया। उन्होंने दावा किया कि उनके गिनती एजेंटों को कथित रूप से धमकाकर बाहर निकाला गया, जिससे अंतिम चरण की मतगणना में पारदर्शिता प्रभावित हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों (CRPF) और चुनावी अधिकारियों की भूमिका निष्पक्ष नहीं रही और वे “निर्देशित तरीके” से कार्य कर रहे थे। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
“मैं बाहर खड़ी थी, अंदर जाने से रोका गया”-ममता का दावा
Kalyan Banerjee द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक फोन कॉल ने पूरे मामले को और गरमा दिया। इस बातचीत में Mamata Banerjee कथित तौर पर भवानीपुर के परिणाम को “अनैतिक और गंदे खेल” का हिस्सा बता रही हैं। फोन कॉल में उन्होंने दावा किया कि गिनती के दौरान उनकी पार्टी आगे चल रही थी, लेकिन अंतिम चरणों में स्थिति अचानक बदल गई।
EVM और प्रक्रिया पर गंभीर सवाल
ममता बनर्जी के आरोपों का एक बड़ा हिस्सा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से जुड़ा है। उन्होंने दावा किया कि कई मशीनें सही तरीके से सील नहीं थीं और उन्हें स्ट्रॉन्ग रूम तक ले जाने की प्रक्रिया संदिग्ध थी। उनका कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम में चुनावी नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे परिणामों की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठते हैं।
“बिजली गुल और अफरा-तफरी का माहौल”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतगणना के अंतिम दौर में केंद्रों के भीतर अफरा-तफरी का माहौल था और कुछ जगहों पर बिजली तक चली गई। उनके अनुसार, इसी अव्यवस्था का फायदा उठाकर वोटों की गिनती को प्रभावित किया गया। ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर “सीधा हमला” बताया।
“कानूनी लड़ाई तय है”-अगला राजनीतिक मोर्चा तैयार
ममता बनर्जी ने कहा कि पूरे घटनाक्रम से जुड़े “दस्तावेजी साक्ष्य” एकत्र किए जा रहे हैं और इस परिणाम को अदालत में चुनौती दी जाएगी। उन्होंने इसे केवल एक चुनावी हार नहीं, बल्कि “प्रक्रियात्मक अनियमितताओं से प्रभावित परिणाम” बताया।
बढ़ता सियासी तनाव, नए विवाद की आहट
इस पूरे मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। जहां TMC इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप बता रही है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक विश्लेषक इसे चुनावी बयानबाज़ी का हिस्सा भी मान रहे हैं। फिलहाल, इन आरोपों पर चुनाव आयोग या संबंधित प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मामला तेजी से राजनीतिक और कानूनी बहस का रूप लेता दिख रहा है।


