बिहार के कटिहार में, छुट्टी के लिए बीमारी का सबूत मांगे जाने पर एक आंगनवाड़ी सेविका को हाथ में IV ड्रिप लगे हुए दफ्तर आना पड़ा। इस अमानवीय घटना का वीडियो वायरल होने पर लोगों ने गुस्सा जाहिर किया।

सिस्टम कितना अमानवीय हो सकता है, इसकी तस्वीरें हर दिन देश के किसी न किसी कोने से सामने आ ही जाती हैं। कुछ दिन पहले ओडिशा में एक बुजुर्ग अपनी मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचे थे, ताकि पैसे निकाल सकें। अब बिहार से एक और दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है। यहां एक अधिकारी ने जब बीमारी का सबूत मांगा, तो एक आंगनवाड़ी वर्कर को अस्पताल से सीधे हाथ में IV ड्रिप लगी हालत में दफ्तर आना पड़ा।

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सबूत देने के लिए हाथ में IV ड्रिप लेकर पहुंचीं

मामला बिहार के कटिहार का है। यहां एक आंगनवाड़ी वर्कर बीमार थीं। जब उन्होंने छुट्टी मांगी तो एक अधिकारी ने उनसे बीमारी का सबूत मांग लिया। इसके बाद जो हुआ, वो सरकारी सिस्टम पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। मजबूरी में, वो महिला अस्पताल से सीधे अपने ऑफिस पहुंच गईं, वो भी हाथ में IV ड्रिप लगी हालत में। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला ठीक से चल भी नहीं पा रही हैं और उनके पति ने ड्रिप की बोतल हाथ में पकड़ रखी है। यह वीडियो दिखाता है कि भारत में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों, खासकर आंगनवाड़ी वर्कर्स को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

इस वीडियो को रणविजय सिंह नाम के एक यूजर ने अपने एक्स अकाउंट पर शेयर करते हुए लिखा, "बिहार के कटिहार में एक आंगनवाड़ी सेविका बीमार पड़ गईं। अफसर ने बीमारी का सबूत देने को कहा। कांपते हाथ में ड्रिप की सुई लिए आंगनवाड़ी सेविका को केंद्र पर पहुंचना पड़ा।"

लोगों का गुस्सा फूटा

वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। यूजर्स ने उस अधिकारी को तुरंत सस्पेंड करने की मांग की, जिसने ऐसी हालत में महिला को ऑफिस आने पर मजबूर किया। कुछ लोगों ने तल्ख टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्या बिहार में सारे नियम-कानून सिर्फ गरीब और निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए ही हैं? एक यूजर ने लिखा, "भारत में गरीब और कमजोर लोगों के लिए कोई दया या इंसानियत नहीं है। उनका हमेशा शोषण होता है और उन्हें वो सब करने पर मजबूर किया जाता है, जो वे नहीं करना चाहते।"