Bihar Creator Scheme: बिहार सरकार ने सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए शानदार योजना शुरू की है। अब रील्स या वीडियो बनाने पर ₹1 लाख तक कमाई का मौका मिलेगा। लेकिन कुछ शर्तें भी हैं।
Bihar Social Media Creator Rule 2026: अगर आप भी इंस्टाग्राम पर रील्स बनाते हैं, यूट्यूब शॉर्ट्स अपलोड करते हैं या सोशल मीडिया पर वीडियो क्रिएटर हैं, तो आपके लिए एक शानदार खबर सामने आई है। अब सिर्फ वीडियो बनाने के शौक से आपकी तगड़ी कमाई होने वाली है! बिहार सरकार ने वीडियो बनाने वालों के लिए एक नई पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अगर आप सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों पर वीडियो बनाते हैं, तो सरकार आपको इसके बदले मोटी रकम देगी। आइए जानते हैं सरकार का पूरा प्लान क्या है और आप इसका फायदा कैसे उठा सकते हैं...
बिहार सरकार का वीडियो क्रिएटर्स को लेकर क्या प्लान है?
बिहार कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में 'Bihar Social Media and Other Online Media Rules, 2026' में बदलाव को मंजूरी दी गई। यह फैसला मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। इस बैठक में कुल 13 प्रस्तावों को मंजूरी मिली। नए नियम का सीधा मकसद सोशल मीडिया की मदद से बिहार सरकार की योजनाओं, कार्यक्रमों, विकास से जुड़े काम और उपलब्धियों की जानकारी ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है। यानी अब सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी योजनाओं को प्रमोट करने के लिए सोशल मीडिया क्रिएटर्स की पहुंच का इस्तेमाल करेगी।
1 लाख व्यूज पर कितने पैसे मिलेंगे?
नए नियम के मुताबिक, योग्य वीडियो को हर 1 लाख व्यूज पर ₹10,000 तक मिल सकता है। इसी हिसाब से अगर किसी वीडियो को 10 लाख व्यूज मिलते हैं, तो पेमेंट ₹1 लाख तक पहुंच सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर वीडियो पर सीधे ₹1 लाख मिलेंगे। ₹1 लाख मैक्सिमम लिमिट है। यानी 10 लाख या उससे ज्यादा व्यूज आने पर भी इस नियम के तहत एक वीडियो के लिए पेमेंट ₹1 लाख से ज्यादा नहीं होगा। 2 लाख व्यूज होने पर यह रकम ₹20,000 तक हो सकती है। 5 लाख व्यूज पर ₹50,000 तक और 10 लाख व्यूज पर मैक्सिमम ₹1 लाख तक का पेमेंट मिल सकता है। इसके बाद व्यूज बढ़ने पर भी पेमेंट की मैक्सिमम लिमिट ₹1 लाख ही रहेगी।
क्या हर क्रिएटर्स को पैसा मिलेगा?
सरकार ने इसके लिए कुछ शर्तें रखी हैं। पेमेंट का फायदा लिस्टेड सोशल मीडिया क्रिएटर्स (Empanelled Social Media Creators) को मिलेगा। यानी क्रिएटर, सोशल मीडिया पेज या चैनल को सरकार के IPRD (Information and Public Relations Department) के तय नियमों के तहत एंपैनल होना होगा। सिर्फ वीडियो वायरल होना ही पेमेंट पाने की गारंटी नहीं है। वीडियो को सरकार की तय शर्तों के मुताबिक होना चाहिए और व्यूज की जांच भी की जाएगी।
30 दिन बाद व्यूज की होगी गिनती
इस नए सिस्टम में सिर्फ यह देखना काफी नहीं होगा कि वीडियो को कितने व्यूज मिल रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो के पब्लिश होने के 30 दिन पूरे होने के बाद उसके व्यूज का आकलन किया जाएगा। इसके बाद तय नियमों के अनुसार पेमेंट कैलकुलेट किया जाएगा। यानी किसी वीडियो को आज पोस्ट करने के बाद अगले ही दिन 1 लाख व्यूज आने से तुरंत पैसे खाते में आने की बात नहीं है। पहले तय प्रक्रिया के तहत व्यूज और दूसरी शर्तों की जांच होगी।
फेक व्यूज और फॉलोअर्स पर भी नजर
सरकार ने यह भी साफ किया है कि सोशल मीडिया अकाउंट्स के फॉलोअर्स और एंगेजमेंट की समय-समय पर जांच की जा सकती है। इसका मकसद फर्जी फॉलोअर्स, बॉट्स या नकली व्यूज के जरिए सिस्टम का गलत फायदा उठाने की कोशिशों को रोकना है। इसलिए सिर्फ नंबर बढ़ाने के लिए खरीदे गए व्यूज या फेक एंगेजमेंट से फायदा मिलने की उम्मीद करना सही नहीं होगा। सरकार की ओर से आधिकारिक जांच के बाद ही पात्र वीडियो के लिए पेमेंट तय होगा।
किस तरह के वीडियोज पर मिलेगा पैसा?
नए नियम का फोकस बिहार सरकार की योजनाओं, कार्यक्रमों, विकास से जुड़े काम और सरकारी उपलब्धियों से जुड़ी जानकारी को सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचाने पर है। मतलब अगर कोई एंपैनल क्रिएटर किसी सरकारी योजना की जानकारी आसान भाषा में वीडियो के जरिए लोगों तक पहुंचाता है और वह वीडियो तय शर्तों को पूरा करते हुए अच्छे व्यूज हासिल करता है, तो उसे इस इंसेंटिव का फायदा मिल सकता है।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
आज के समय में बहुत से लोग टीवी या न्यूज पेपर से ज्यादा जानकारी इंस्टाग्राम, यूट्यूब, फेसबुक और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देखते हैं। ऐसे में सरकार चाहती है कि उसकी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक डिजिटल तरीके से पहुंचे। क्रिएटर्स की अपनी ऑडियंस होती है और वे किसी सरकारी योजना को आसान भाषा में समझाकर ज्यादा लोगों तक पहुंचा सकते हैं। इसी वजह से बिहार ने सोशल मीडिया को सरकारी जानकारी पहुंचाने के एक और तरीके के तौर पर इस्तेमाल करने का फैसला किया है।
इस योजना को लेकर आगे क्या और कैसे करें आवेदन?
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की तरफ से जल्द ही इस पूरी योजना का डिटेल में नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इसमें यह भी साफ किया जाएगा कि क्रिएटर्स को किन-किन बातों का ध्यान रखना है और उनके सोशल मीडिया हैंडल्स, पेज या चैनल्स पर फॉलोअर्स की संख्या की जांच कैसे की जाएगी।


