बिहार के लाखों छात्रों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 4 लाख रुपये तक का लोन देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की पढ़ाई के लिए पैसे की कमी को बाधा नहीं बनने देगी।
पटना (बिहार): बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को एक बार फिर साफ किया है कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत हायर एजुकेशन के लिए 4 लाख रुपये तक का लोन मिलता रहेगा। उन्होंने राज्य भर के छात्रों और उनके माता-पिता को यह भरोसा दिलाया है। यह बयान उन खबरों के बाद आया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत मिलने वाले एजुकेशन लोन की रकम घटाई जा रही है। बिहार सरकार ने इन रिपोर्ट्स को गलत बताया है।
क्या है "स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम?
बता दें कि बिहार की 'स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' राज्य सरकार के द्वारा चलाई जाने वाली एक वित्तीय सहायता योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य गरीब और योग्य विद्यार्थियों को उच्च या व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए कम ब्याज दरों पर आसानी से शिक्षा ऋण (Education Loan) उपलब्ध कराना है, ताकि पैसों की कमी किसी की पढ़ाई में रुकावट न बने। यह स्कीम बिहार से पहले पश्चिम बंगाल, झारखंड में भी लागू है।
बिहार के कॉमर्शियल बैंक देंगे छात्रों को पैसा
एक सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक, राज्य सरकार ने हायर एजुकेशन के लिए छात्रों को मिलने वाली आर्थिक मदद का दायरा और बढ़ाया है। हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट के सचिव के अनुसार, अब 2 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम (Bihar State Education Finance Corporation) के जरिए दिया जाएगा। वहीं, 2 लाख से 4 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद कॉमर्शियल बैंकों के जरिए उपलब्ध कराई जाएगी। पहले 4 लाख रुपये तक की पूरी रकम सिर्फ बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से ही दी जाती थी।
छात्र ऐसे ले सकते हैं 10 लाख तक की लोन
- प्रेस रिलीज के मुताबिक, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना (PM-USHA), पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल और बैंकों के साथ जोड़ने का मकसद ज्यादा से ज्यादा छात्रों को हायर एजुकेशन के लिए संस्थागत वित्तीय सहायता देना है।
- इसके अलावा, छात्र पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के जरिए 10 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन भी ले सकेंगे। इस तरह, अब छात्रों के पास हायर एजुकेशन के लिए पहले के मुकाबले आर्थिक मदद के ज्यादा विकल्प मौजूद हैं।
बिहार सरकार ने छात्रों के लिए खोला खजाना
वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम के लिए 886 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी गई थी। मौजूदा वित्तीय वर्ष (2026-27) के लिए 950 करोड़ रुपये का खर्च मंजूर किया गया है। इस तरह, इस स्कीम के लिए मौजूदा वित्तीय वर्ष में स्वीकृत खर्च पिछले साल के मुकाबले 64 करोड़ रुपये ज्यादा है।


