Cockroach Janta Party Protest Mumbai : मुंबई के शिवाजी पार्क में बिना इजाजत प्रदर्शन करने पर पुलिस ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आयोजकों और 400-500 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। जिसमें अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका, सौरव दास और रत्ना सिंह के नाम शामिल हैं।
मुंबई पुलिस ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आयोजकों और 400 से 500 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की है।बता दें कि शुक्रवार को CJP और कुछ अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शिवाजी पार्क में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। ये लोग स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी का आरोप लगा रहे थे।
वकील सिद्धि देवलेकर ने दर्ज कराई FIR
- इससे पहले शुक्रवार को ही स्थानीय निवासी और वकील सिद्धि देवलेकर ने पुलिस में इसकी शिकायत दी थी। उन्होंने CJP कार्यकर्ता अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका, सौरव दास और रत्ना सिंह के खिलाफ शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया। उनका आरोप है कि पुलिस की इजाजत न मिलने के बावजूद इन लोगों ने प्रदर्शन किया।
- सिद्धि देवलेकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट भी किया। उन्होंने बताया कि CJP नेताओं और पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह के खिलाफ भारी भी- ड़ जुटाने और बिना अनुमति के प्रदर्शन करने को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है।
CJP पर लगाया गंभीर आरोप
- अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, "शिवाजी पार्क की एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते मैंने @abhijeet_dipke, @AshutoshRanka, @Saurav Dassss और @whattalawyer के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इन लोगों ने अनुमति न होने के बावजूद भारी भीड़ जुटाई। यह बॉम्बे हाईकोर्ट के 4 जनवरी 2013 के फैसले (PIL 116/2009) और महाराष्ट्र सरकार के आदेशों का सीधा उल्लंघन है।"
- देवलेकर ने आगे कहा, "यह कोई 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन' नहीं है। यह राजनीतिक प्रदर्शन की आड़ में कानून तोड़ने की कोशिश है।" उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग संविधान बचाने की बात करते हैं, वही बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेशों को चुनौती दे रहे हैं।
- उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसे बर्ताव को छूट दी गई, तो कल को कोई भी कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करेगा और उसे "शांतिपूर्ण गतिविधि" बताकर कानून से बचने की उम्मीद करेगा। उन्होंने साफ कहा, "कोई भी विचारधारा, राजनीतिक अभियान या व्यक्ति संविधान से ऊपर नहीं है। कोई भी कानून से बड़ा नहीं है। यह प्रदर्शन बॉम्बे हाईकोर्ट का अपमान है।"


