BRICS Summit Latest News: नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। भारत मंडपम में डॉग स्क्वॉड तैनात हैं और दिल्ली पुलिस के 15,000 जवानों के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की करीब 200 कंपनियां सुरक्षा में लगी हैं।

Bharat Mandapam Security: भारत इस साल 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले इस अहम सम्मेलन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। आयोजन स्थल और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ डॉग स्क्वॉड की भी तैनाती की गई है।

15 हजार से ज्यादा दिल्ली पुलिसकर्मी तैनात

BRICS सम्मेलन की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने 15 हजार से ज्यादा जवानों को तैनात किया है। इसके अलावा गृह मंत्रालय की ओर से करीब 200 CAPF कंपनियां भी उपलब्ध कराई गई हैं। इन जवानों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ अन्य जरूरी सुरक्षा और परिचालन कार्यों में लगाया गया है।

भारत मंडपम में चप्पे-चप्पे पर नजर

भारत मंडपम और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों में बांटा गया है। किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पुलिस बल के साथ डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा टीमें भी तैनात हैं। आयोजन स्थल तक पहुंचने वाले रास्तों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

क्या है इस साल BRICS का थीम?

2026 के BRICS शिखर सम्मेलन का थीम “Building Resilience for Innovation, Cooperation, and Sustainable Development” यानी नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए जुझारूपन का निर्माण है। सम्मेलन में विकास, व्यापार, वित्त, तकनीक, ऊर्जा और वैश्विक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

BRICS में शामिल हैं 11 देश

BRICS में फिलहाल 11 देश शामिल हैं। इनमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। समूह अब वैश्विक दक्षिण के हितों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से उठाने वाले महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है।

दुनिया की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि BRICS देश दुनिया की करीब 50 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत वैश्विक GDP और 25 प्रतिशत से अधिक वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इस समूह का बढ़ता प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार की चर्चा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

समुद्री सुरक्षा पर PM मोदी का जोर

एक दिन पहले BRICS बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने वैश्विक व्यापार के लिए सुरक्षित समुद्री मार्गों की जरूरत पर जोर दिया था। उन्होंने कहा कि व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए समुद्री रास्ते सुरक्षित, सप्लाई चेन खुली और नाविक सुरक्षित होने चाहिए। भारत समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का समर्थन करता रहा है।

वैश्विक चुनौतियों के बीच अहम सम्मेलन

भारत ऐसे समय में BRICS की अध्यक्षता कर रहा है, जब दुनिया आर्थिक अस्थिरता, तकनीकी बदलाव, भू-राजनीतिक तनाव, जलवायु परिवर्तन और संसाधनों पर बढ़ते दबाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में दिल्ली में होने वाला यह शिखर सम्मेलन वैश्विक सहयोग और विकास के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।