Kathua CISF Firing: कठुआ के बसोहली स्थित Sewa Power Project के CISF कैंप में फायरिंग से Assistant Commandant समेत चार जवानों की मौत हो गई। आरोपी जवान हिरासत में है और Court of Inquiry के आदेश दिए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर के कठुआ से मंगलवार शाम सुरक्षा बलों को झकझोर देने वाली खबर सामने आई। जिस कैंप में जवान एक संवेदनशील पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात थे, वहीं अचानक गोलियां चल गईं। घटना में एक Assistant Commandant और एक Sub-Inspector समेत चार CISF जवानों की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गोलीबारी जवानों के बीच हुए विवाद के बाद हुई। आरोपी जवान को हिरासत में ले लिया गया है और जांच शुरू हो गई है।
Sewa Power Project में कैसे हुआ हादसा?
घटना कठुआ जिले के बसोहली के मशका इलाके में स्थित Sewa Hydroelectric Power Project से जुड़े CISF कैंप में हुई। यह इलाका हिमाचल प्रदेश की सीमा के करीब है और घटनास्थल तक पहुंच का रास्ता भी हिमाचल की तरफ से जुड़ा बताया गया है। CISF जवान यहां पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात थे।
यह भी पढ़ें: कवि प्रदीप से शरद जोशी तक... कालिदास समारोह में पहली बार दिखेगी MP की ये विरासत
कहासुनी के बाद चली गोलियां
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जवानों के बीच किसी मुद्दे पर कहासुनी हुई। इसके बाद विवाद बढ़ा और एक CISF Head Constable ने कथित तौर पर अपनी सर्विस राइफल से साथियों पर फायरिंग कर दी। घटना का सटीक कारण अभी सामने नहीं आया है। आरोपी 2009 बैच का Head Constable बताया जा रहा है और उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
चार मृतकों की हुई पहचान
गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल चार जवानों को इलाज के लिए NHPC अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान Assistant Commandant Ankit Kumar Pandey, Sub-Inspector Lakshman Singh, Constable Rafiq Ahmed और Constable Sandeep Kumar के रूप में हुई है।
CISF ने शुरू की आंतरिक जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। CISF मुख्यालय ने मामले की परिस्थितियों की जांच के लिए Court of Inquiry के आदेश दिए हैं। जांच में गोलीबारी की वजह, घटनाक्रम और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
आरोपी हिरासत में, जांच जारी
पुलिस ने आरोपी जवान को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल घटना को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई और गोलीबारी तक हालात कैसे पहुंचे।
यह भी पढ़ें: Balochistan Attack: पाकिस्तान में पहली बार महिला लड़ाकों की एंट्री? CPEC हाईवे पर हुआ बड़ा हमला
