NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI ने 13 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के तीन सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स भी शामिल हैं। CBI ने पाया कि इन लोगों ने पैसों के लालच में पेपर लीक किया और इसे महाराष्ट्र से दूसरे राज्यों में डिजिटल तरीकों से फैलाया।
नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI ने दिल्ली की राउज एवेन्यू स्पेशल कोर्ट में 13 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इनमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स भी शामिल हैं। जांच टीम ने पाया है कि पेपर तैयार करने और उसका ट्रांसलेशन करने वाले एक्सपर्ट्स ने ही पैसों के लिए सवाल लीक किए थे। आरोपियों पर गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें उम्रकैद की सज़ा और भारी जुर्माना हो सकता है।
NTA ने जिन तीन टीचरों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखा था, उन्होंने ही पेपर लीक करने में मुख्य भूमिका निभाई। CBI की चार्जशीट में बॉटनी/ज़ूलॉजी की एक्सपर्ट मनीषा गुरुनाथ मंधारे, केमिस्ट्री एक्सपर्ट प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी और फिज़िक्स एक्सपर्ट मनीषा संजय हवलदार का नाम है। इन लोगों ने पेपर के ट्रांसलेशन और प्रूफरीडिंग के दौरान सवाल लीक किए। आरोपियों ने पुणे में अपने घरों और लातूर के सिद्धिविनायक अस्पताल में छात्रों के लिए सीक्रेट सेशन रखे। यहां स्टूडेंट्स को सवाल और उनके जवाब नोट करने का मौका दिया गया। इसके बाद, टेलीग्राम और वॉट्सऐप जैसे डिजिटल तरीकों और बिचौलियों के ज़रिए इन सवालों को महाराष्ट्र से राजस्थान समेत दूसरे राज्यों के कोचिंग सेंटरों और छात्रों तक पहुंचाया गया।
आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) (आपराधिक विश्वासघात), धारा 238 (सबूत मिटाना), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। अगर दोष साबित होता है, तो उन्हें उम्रकैद या 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। CBI ने कोर्ट में डिजिटल सबूत और पैसों के लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड भी पेश किए हैं।
