सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच अब CBI करेगी। बंगाल पुलिस की सिफारिश पर 7 सदस्यों की टीम बनाई गई है। इस मामले में UP और बिहार से 3 संदिग्ध गिरफ्तार किए गए हैं।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच अब CBI करेगी। पश्चिम बंगाल पुलिस से केस लेने के बाद CBI ने जांच के लिए 7 सदस्यों की एक टीम बनाई है। DIG पंकज सिंह इस टीम को लीड करेंगे। खास बात यह है कि बंगाल पुलिस ने ही CBI जांच की सिफारिश की थी।

41 साल के चंद्रनाथ रथ की हत्या पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के कुछ ही दिनों बाद हुई थी। 6 मई की रात करीब 10:30 बजे नॉर्थ 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में यह वारदात हुई। बाइक पर आए हमलावरों ने बीच सड़क पर चंद्रनाथ की कार रोकी। चंद्रनाथ आगे की सीट पर बैठे थे और हमलावरों ने उन पर करीब 10 राउंड गोलियां चलाईं और फौरन फरार हो गए।
इस हमले में चंद्रनाथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके ड्राइवर बुद्धदेब बेरा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अब उनकी हालत में सुधार है। इस मामले में एक चश्मदीद का बयान काफी अहम है। उसने बताया कि दोहारिया जंक्शन पर हमलावरों ने कार रोककर फायरिंग की थी। सोमवार सुबह बंगाल पुलिस की स्पेशल टीम ने इस केस से जुड़े तीन संदिग्धों को उत्तर प्रदेश और बिहार से पकड़ा है। बिहार से मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को, जबकि उत्तर प्रदेश से राज सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
माना जा रहा है कि राज सिंह ही वो शार्प शूटर है, जिसने गोली चलाई थी। पूछताछ के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें कोलकाता लाकर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 24 मई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। पुलिस को इन तीनों तक पहुंचने में कोलकाता के निवेदिता सेतु के टोल प्लाजा पर हुए एक UPI पेमेंट और CCTV फुटेज से मदद मिली। इसके बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि हत्यारे बंगाल के बाहर से आए थे। पुलिस का अनुमान है कि इस हत्याकांड की साजिश और इसे अंजाम देने में कम से कम 8 लोग शामिल हो सकते हैं।
