Bihar Police Recruitment Exam : बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के दिन पटना जंक्शन पर हज़ारों छात्रों की भीड़ उमड़ पड़ी। ट्रेनों में जगह न मिलने, देरी और कैंसिलेशन के चलते कई छात्र परीक्षा देने से चूक गए। पाटलिपुत्र स्टेशन पर तो हालात इतने बिगड़े कि पथराव और तोड़फोड़ तक हो गई।
पटना (बिहार): रविवार को पटना जंक्शन पर जो नज़ारा था, वो हैरान करने वाला था। बिहार पुलिस प्रोहिबिशन डिपार्टमेंट की परीक्षा देने आए हज़ारों छात्र ट्रेनों में घुसने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे। आलम यह था कि ट्रेनें खचाखच भरी थीं और कई छात्र देरी, कैंसिलेशन और सीट न मिलने की वजह से अपनी परीक्षा तक नहीं दे पाए।

जान जोखिम में डालकर की यात्रा
- कई छात्रों ने आरोप लगाया कि ट्रेनें कैंसिल होने और प्रशासन की तरफ से कोई खास इंतजाम न होने की वजह से ये हालात बने। भीड़ इतनी थी कि लोग जान जोखिम में डालकर दरवाज़ों पर लटककर सफर करने को मजबूर थे।
- रवि कुमार नाम के एक छात्र ने बताया, "14 लाख छात्र हैं और पाटलिपुत्र से सिर्फ दो ट्रेनें। कितने लोग सफर कर पाएंगे? मेरी तो पहली शिफ्ट की परीक्षा ही छूट गई। मैं पाटलिपुत्र से वापस लौट रहा हूं।"
हजारों छात्रों का भविष्य अटक गया?
- एक और छात्र, रविंद्र कुमार ने भी भीड़ की वजह से परीक्षा छूटने की बात कही। उन्होंने कहा, "मेरा एग्जाम छूट गया। मेरा सेंटर समस्तीपुर में था। मैं पाटलिपुत्र से सफर कर रहा था। ट्रेन सुबह 9:35 बजे की थी, लेकिन अब तक नहीं चली है। कई छात्र देर से पहुंच रहे थे। बैठने की तो जगह ही नहीं थी।" उन्होंने आगे कहा, "भीड़ इतनी ज़्यादा थी कि दरवाज़े पर लटकने की भी जगह नहीं बची थी।
- रविंद्र ने बताया कि ट्रेन कैंसिल होने से स्थिति और भी खराब हो गई। “बहुत भीड़ थी। यह आखिरी ट्रेन थी। छात्र दूसरों को अंदर नहीं आने दे रहे थे।”परीक्षा के लिए सफर कर रहे एक और उम्मीदवार मुकेश कुमार ने कहा कि ट्रेन कैंसिल होने से भीड़ और बढ़ गई।
- उन्होंने कहा, "थोड़ी देर पहले एक ट्रेन रद्द कर दी गई, जिससे भीड़ और भी ज़्यादा हो गई है। अंदर कोई जगह नहीं है। हम तो दरवाज़े पर लटक कर जा रहे हैं।"

पटना जंक्शन पर रातभर चला हाई-वोल्टेज ड्रामा
- स्नेहा कुमारी नाम की एक और उम्मीदवार ने बताया कि ट्रेन सेवाओं में गड़बड़ी के कारण उनकी परीक्षा छूट गई।
- उन्होंने कहा, "ट्रेन बीच में ही रुक गई और फिर कैंसिल हो गई। सुबह 6:30 बजे एक और ट्रेन थी, लेकिन मैं वहां समय पर नहीं पहुंच सकी। इसलिए मैं उसे भी नहीं पकड़ पाई।"
- कई छात्रों ने अधिकारियों से अपील की कि बड़ी परीक्षाओं के दौरान ऐसी स्थितियों से बचने के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएं।
- सौरव कुमार ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे सरकार के वादों से जोड़ा।
विकसित भारत का सच दिखाती है पटना की ये तस्वीर
- उन्होंने पूछा, "पीएम मोदी कहते हैं कि भारत 2047 तक 'विकसित भारत' बनेगा। इसे देखिए, क्या ऐसे बनेगा 'विकसित भारत'? इतनी भीड़ है कि लोगों को पैसेंजर ट्रेनों में बैठने तक की जगह नहीं है। ये कैसी ट्रेनें चला रहे हैं?"
- कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से परीक्षाओं के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने का आग्रह किया। इस बीच, दिन में पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर स्थिति तब और बिगड़ गई, जब यात्रियों के बीच हंगामे के बाद कथित तौर पर पथराव और तोड़फोड़ हुई। यह अशांति ट्रेनों की देरी और परीक्षा देने वालों की भारी भीड़ के कारण हुई।
- अधिकारियों के मुताबिक, कुछ गुटों ने कथित तौर पर ट्रेनों की आवाजाही में बाधा डाली और इमरजेंसी चेन खींचने जैसी हरकतें कीं, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों को दखल देना पड़ा। भीड़ को तितर-बितर करने और व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस ने हल्के बल का प्रयोग किया।
- पटना के ज़िलाधिकारी थियागराजन एसएम ने बताया कि यह गड़बड़ी आधी रात के आसपास परीक्षार्थियों की भारी भीड़ के बीच हुई।उन्होंने कहा, "आधी रात के करीब हमें सूचना मिली कि कुछ लोग हंगामा कर रहे हैं। हमने उनसे बार-बार अनुरोध किया कि वे हंगामा न करें और उन परीक्षार्थियों का सहयोग करें जो परीक्षा देना चाहते हैं। हालांकि, कुछ असामाजिक तत्वों ने बार-बार इमरजेंसी चेन खींची और स्पेशल ट्रेनों की मांग जैसी कई मांगें उठाईं, जबकि दो स्पेशल ट्रेनें पहले से ही उपलब्ध थीं।


