चीन में पोते-पोतियों की देखभाल से इनकार पर बहू ने सास को पीटा, जिससे उनकी 4 पसलियां टूट गईं। बेटे ने भी इस मारपीट को सही ठहराते हुए अपनी मां को ही दोषी बताया। कानूनन दादा-दादी बच्चों की देखभाल के लिए बाध्य नहीं हैं।

एक बहू ने अपनी सास पर यह आरोप लगाते हुए उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी कि वह बच्चों की देखभाल करने के बजाय रोमांस में लगी रहती हैं। इस मारपीट में बुजुर्ग महिला की चार पसलियां टूट गईं। यह घटना पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत के जियाक्सिंग शहर की है, जिसने चीनी सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। शेन नाम की एक बुजुर्ग महिला को उनकी बहू ने इसलिए पीटा क्योंकि वह अपने पोते-पोतियों की देखभाल नहीं कर रही थीं।

'पोते-पोतियों की देखभाल करने से अच्छा मर जाना है'

बहू ने अपने दोनों बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी अपनी सास शेन को दी थी। लेकिन एक दिन, बच्चे ने घर में लगे सीसीटीवी के जरिए अपनी मां से शिकायत की कि वह बीमार है और दादी उसका बुखार भी नहीं देख रही हैं। यह सुनते ही बहू गुस्से में तुरंत शेन के घर पहुंच गई। शेन ने सफाई दी कि बच्चा बहुत शैतान है और उनके दांत में भी तेज दर्द हो रहा है। जब बहू ने उन्हें अस्पताल ले जाने की बात कही, तो शेन ने यह कहकर मना कर दिया कि उन्हें अपने बॉयफ्रेंड से मिलने जाना है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, जब शेन ने कहा, "पोते-पोतियों की देखभाल करने से तो अच्छा है कि मैं मर जाऊं," तो बहस मारपीट में बदल गई।

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टूट गईं 4 पसलियां

बहू की इस क्रूर पिटाई में शेन की चार पसलियां टूट गईं। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी उनके साथ ऐसी मारपीट हो चुकी है। वहीं, इस मामले में बेटे जियाओ ने अपनी मां के खिलाफ ही एक चौंकाने वाला रुख अपनाया। जियाओ ने कहा कि उसकी मां अनैतिक है और वह यह पिटाई डिजर्व करती थी। उसने मांग की कि या तो उसकी मां बच्चों की देखभाल करे या फिर उन्हें गुजारा भत्ता दे।

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बेटी बनी मां का सहारा

हालांकि, जियाओ की बहन अपनी मां के समर्थन में आगे आई। उसने कहा कि उनकी मां ने एक सफाई कर्मचारी के तौर पर बहुत कम वेतन में बड़ी मुश्किल से उन्हें पाला है और इस उम्र में उन्हें एक प्यार करने वाला साथी खोजने का पूरा हक है। एक जाने-माने चीनी वकील मा जुनशे ने बताया कि बहू पर जानबूझकर चोट पहुंचाने का मामला दर्ज हो सकता है, जिसमें तीन साल तक की जेल की सजा हो सकती है। उन्होंने यह भी साफ किया कि बच्चों की परवरिश की पूरी जिम्मेदारी माता-पिता की होती है और शेन पर कानूनी रूप से अपने कामकाजी बेटे के बच्चों की देखभाल करने की कोई बाध्यता नहीं है। यह घटना चीनी सोशल मीडिया पर तीखी बहस का विषय बन गई है।