NEET प्रदर्शन के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी युवाओं को एकजुट कर रही है। 5-6 अगस्त को छत्रपति संभाजीनगर में बैठक होगी। पार्टी देशव्यापी 'लिसनिंग टूर' की योजना बना रही है और युवाओं के आंदोलनों का नेतृत्व जारी रखेगी।
मुंबई: NEET पेपर लीक मामले पर दिल्ली के जंतर मंतर पर ज़ोरदार प्रदर्शन करने के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब देश के युवाओं को एकजुट करने की तैयारी में है। पार्टी ने अपने आंदोलन के अगले फेज़ के लिए कमर कस ली है। इसी सिलसिले में, CJP ने 5 और 6 अगस्त को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में दो दिन की एक बैठक बुलाई है। इस बैठक की अगुवाई पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रवक्ता और संगठन के दूसरे नेता करेंगे।
यह फैसला जंतर मंतर प्रदर्शन में सक्रिय रहे करीब 50 मुख्य वॉलंटियर्स और दूसरे साथियों से चर्चा के बाद लिया गया है। पार्टी की योजना आने वाले दिनों में एक देशव्यापी 'लिसनिंग टूर' करने की भी है, ताकि युवाओं की राय और उनकी ज़रूरतों को सीधे तौर पर समझा जा सके। CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि उनका मकसद युवाओं की उम्मीदों को एक सार्थक एक्शन में बदलने का रास्ता खोजना है। इस देशव्यापी दौरे का पूरा शेड्यूल और बाकी जानकारी जल्द ही जारी की जाएगी। हालांकि, संस्थापक अभिजीत दीपके ने यह भी साफ कर दिया है कि फिलहाल उनका राजनीतिक पार्टी बनने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन वे युवाओं के आंदोलनों का नेतृत्व करते रहेंगे।
CJP और इसके फाउंडर अभिजीत दिपके से जुड़े अपडेट
परीक्षा सुधार आंदोलन का चेहराः CJP ने NEET-UG समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन चलाया।
अभिजीत दिपके CJP के संस्थापक हैं : दिपके इस आंदोलन के प्रमुख चेहरा थे। उन्होंने कई बार कहा- आंदोलन का उद्देश्य युवाओं और छात्रों के मुद्दों को उठाना है।
जंतर-मंतर आंदोलन से मिली राष्ट्रीय पहचान : दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन के बाद संगठन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग : CJP लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करता रहा। सरकार को छात्रों की मांग माननी पड़ी। शिक्षा मंत्री को देना पड़ा इस्तीफा।
सोनम वांगचुक का समर्थन मिला : सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी CJP के आंदोलन का समर्थन किया। उनके अनुरोध पर अभिजीत दिपके ने अपना अनशन समाप्त किया और बाद में संसद मार्च में हिस्सा लिया।
विदेश में पढ़ाई के खर्च पर विवाद : हाल के दिनों में उनकी विदेशी शिक्षा की फंडिंग को लेकर सवाल उठे। दिपके ने कहा- उन्होंने स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन के जरिए पढ़ाई की और जरूरत पड़ने पर डॉक्यूमेंट भी दिखा सकते हैं।
फैजान अंसारी की शिकायत : सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने दिल्ली पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में उनके साथ हुई कथित मारपीट के पीछे अभिजीत दिपके और उनके सहयोगियों का हाथ है। दिपके ने इन आरोपों से इनकार किया है।
