सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके, और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा जेल से रिहा हो चुके हैं। लेकिन वहीं सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका इन दिनों दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद हैं। आइए जानते हैं चारों की एजुकेशन प्रोफाइल क्या है?

दिल्ली में छात्र आंदोलन और CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) से जुड़े चार नाम इन दिनों चर्चा में हैं। अभिजीत दीपके, नेहा बोरा, सौरव दास और आशुतोष रांका की पहचान सिर्फ उनके आंदोलन से नहीं, बल्कि उनकी पढ़ाई और करियर से भी है। कोई इंजीनियरिंग और विदेश में उच्च शिक्षा हासिल कर चुका है, तो कोई पत्रकारिता से जुड़ा रहा है और कोई JNU में PhD कर रहा है। ऐसे में सवाल है कि चारों में सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा कौन है?

1. अभिजीत दीपके: इंजीनियरिंग के बाद अमेरिका से उच्च शिक्षा

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले हैं। उन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, औरंगाबाद से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और 2018 में ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से भी उच्च शिक्षा हासिल की।

2. नेहा बोरा: DU से JNU तक का सफर

नेहा बोरा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और डॉ. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। फिलहाल वह जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स में PhD की पढ़ाई कर रही हैं।

3. सौरव दास: पत्रकारिता से आंदोलन तक

सौरव दास की पहचान खोजी पत्रकार और RTI कार्यकर्ता के रूप में रही है। उन्होंने एमिटी यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता और जनसंचार में BA की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने स्वतंत्र पत्रकारिता की और सरकारी कामकाज, पारदर्शिता तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्टिंग की।

4. आशुतोष रांका: IIT कानपुर और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स

आशुतोष रांका ने IIT कानपुर से मैटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग में BTech किया। इसके बाद उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री हासिल की। वह लंदन में मैकिन्जी एंड कंपनी में मैनेजमेंट कंसल्टेंट के रूप में भी काम कर चुके हैं।

चारों में सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा कौन?

  • बता दें कि आशुतोष रांका और अभिजीत दीपके ने ग्रेजुएशन के बाद हायर एजुकेशन हासिल की है, जबकि नेहा बोरा फिलहाल PhD कर रही हैं। सौरव दास ने पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया है और पेशेवर पत्रकारिता में काम किया है।
  • हालांकि, केवल डिग्रियों के आधार पर किसी एक को सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा कहना सही नहीं होगा। नेहा की PhD अभी जारी है और चारों की सभी शैक्षणिक योग्यताओं की समान स्तर पर पुष्टि के बिना अंतिम रैंकिंग करना संभव नहीं है।