Abhijeet Dipke Bail : कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को शनिवार को जमानत मिल गई। उन्हें दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया था। वह कनॉट प्लेस में ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली में शामिल हुए थे।
नई दिल्ली. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को शनिवार को जमानत मिल गई। दिल्ली पुलिस ने उन्हें शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया था। शुक्रवार, 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में होने वाली ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। शनिवार को उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां जमानत की प्रक्रिया पूरी करने और जमानती बॉन्ड भरने की शर्त पर रिहाई के निर्देश दिए गए।
8 दिन में दूसरी बार पुलिस की कार्रवाई
अभिजीत दीपके के खिलाफ आठ दिन के भीतर यह दूसरी बार कार्रवाई हुई है। इससे पहले 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें विमान से हिरासत में लिया गया था। उस समय वह अपने साथियों के साथ दिल्ली पहुंचे थे। उनकी योजना मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने की थी। इस कार्रवाई के बाद दीपके को रिहा कर दिया गया था।
क्या है ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली का मामला?
- कॉकरोच जनता पार्टी ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली आयोजित करने का ऐलान किया था। इस रैली के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जानी थी। पार्टी और प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए।
- हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस रैली की अनुमति नहीं दी थी। पुलिस ने अभिजीत दीपके को नोटिस देकर बताया था कि कनॉट प्लेस में बिना अनुमति भीड़ जुटाने से कानून-व्यवस्था और यातायात प्रभावित हो सकता है। इसके बावजूद प्रदर्शन की तैयारी को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की।
प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया
- रैली के दौरान दिल्ली पुलिस ने 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े मामलों में कई एफआईआर भी दर्ज कीं। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई निषेधाज्ञा के उल्लंघन और सरकारी कर्मचारियों को काम करने से रोकने जैसे आरोपों से जुड़ी है।
- इस पूरे मामले में कॉकरोच जनता पार्टी और उसके समर्थक चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक जगहों पर प्रदर्शन के लिए तय नियमों और अनुमति की प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है।








