Abhijeet Deepke Bail: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को कड़ी शर्तों के साथ जमानत मिल गई है। कोर्ट ने साफ कहा है कि वह अगले एक साल तक ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे शांति भंग हो।
Cockroach Janata Party: दिल्ली में प्रदर्शन से जुड़े मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को जमानत मिल गई है। उन्हें कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले गिरफ्तार किया गया था। रिहाई के बाद अब उनकी जमानत की शर्तें चर्चा में हैं। कोर्ट ने कथित तौर पर उन्हें अगले एक साल तक शांति भंग करने वाली गतिविधियों और बयानबाजी से दूर रहने का निर्देश दिया है। मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं। हालांकि, जमानत का विस्तृत आदेश अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।
मंदिर मार्ग थाने से रिहा हुए अभिजीत दीपके
अभिजीत दीपके को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन से रिहा किया गया। बताया जा रहा है कि एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने जमानत की शर्तों के बार-बार उल्लंघन को लेकर नाराजगी जताई है। जमानत की शर्तों का उल्लंघन होने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दीपके की रिहाई का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज फहराना हमेशा से लोगों का अधिकार रहा है।
सौरव दास और आशुतोष रंका की रिहाई पर भी नजर
जेल से बाहर आने के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वह तिहाड़ जेल में बंद सौरव दास और आशुतोष रंका का इंतजार कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने दास, रंका और अन्य लोगों को जंतर-मंतर पर कथित तौर पर जबरन प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
दोनों की जमानत पर भी नजर बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने उनकी जमानत का विरोध किया था। हालांकि, उनकी रिहाई को लेकर स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन की जांच शुरू, मांगे गए सबूत
इस बीच, जंतर-मंतर पर हुए पहले प्रदर्शन से जुड़े आरोपों की जांच सुप्रीम कोर्ट की हाई-पावर कमेटी ने शुरू कर दी है। कमेटी ने पैलेट गन से हमले और महिला कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट के आरोपों से जुड़े सबूत मांगे हैं। इसके लिए एक वेबसाइट भी बनाई गई है, जिसके माध्यम से लोग अपनी जानकारी और साक्ष्य साझा कर सकते हैं।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर आगे क्या?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन आगे भी जारी रहने की संभावना है। हालांकि, नवरात्रि शुरू होने के कारण फिलहाल किसी संगठन ने आधिकारिक रूप से प्रदर्शन का ऐलान नहीं किया है।
प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहे कई नेता नवरात्रि और दशहरा मनाने के लिए अपने-अपने राज्यों में लौट गए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में आंदोलन की आगे की रणनीति और नए प्रदर्शनों की घोषणा पर नजर रहेगी।






