CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की जमानत पर सुनवाई में देरी हुई। रत्ना सिंह ने SEM के नहीं पहुंचने और 4 जमानतदारों को खारिज करने पर सवाल उठाए।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की जमानत पर रविवार को होने वाली सुनवाई में देरी हुई। सीजेपी की लीगल एडवाइजर और एक्टिविस्ट रत्ना सिंह के मुताबिक, तय समय पर स्पेशल एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के नहीं पहुंचने के कारण सुनवाई में देरी हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दोनों की जमानत के लिए पेश किए गए 4 जमानतदारों को अस्पष्ट कारणों से खारिज कर दिया गया।

सौरव दास और आशुतोष रांका को 14 अक्टूबर को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने जंतर-मंतर के बंद गेट को पार करके वहां प्रवेश किया था। CJP नेताओं का कहना है कि उन्होंने वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया और नारे लगाए थे।

जमानत की सुनवाई में देरी, SEM के नहीं पहुंचने का आरोप

  • रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि वह रविवार सुबह 11 बजे से पुलिस स्टेशन में मौजूद थीं, जबकि जमानत पर सुनवाई दोपहर 12 बजे निर्धारित थी।
  • उन्होंने आरोप लगाया कि शाम 4 बजकर 42 मिनट तक ACP/SEM मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन नहीं पहुंचे थे।
  • रत्ना सिंह ने यह भी दावा किया कि अब तक 4 जमानतदारों को अस्पष्ट कारणों से खारिज किया जा चुका है।
  • उनके मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल होने के कारण जिन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, उन्हें भी आपराधिक पृष्ठभूमि वाला बताया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस की ओर से कोई जवाब सामने नहीं आया है।
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रत्ना सिंह बोलीं- तिरंगा फहराना अपराध नहीं

  • एक अन्य पोस्ट में रत्ना सिंह ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराना कोई अपराध नहीं है।
  • उन्होंने सवाल उठाया कि केवल प्रक्रिया में देरी के कारण सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में क्यों रखा जाना चाहिए।
  • उन्होंने दिल्ली में स्पेशल एग्जिक्युटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालतों के कामकाज पर भी सवाल उठाए।
  • रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि इस मामले में अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
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कपिल सिब्बल से कानूनी सलाह के बाद CJP की चेतावनी

  • इससे पहले शनिवार को CJP ने एक्स पर पोस्ट कर बताया था कि संगठन ने वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से कानूनी सलाह ली है।
  • संगठन ने चेतावनी दी थी कि अगर सौरव दास और आशुतोष रांका को रविवार तक रिहा नहीं किया गया, तो वह कानूनी कार्रवाई करेगा।
  • CJP ने आरोप लगाया था कि दोनों नेताओं को जानबूझकर हिरासत में रखने के लिए प्रक्रिया में देरी की जा रही है।
  • हालांकि, संगठन के इन आरोपों पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ प्रदर्शन कर रही CJP

  • कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है।
  • संगठन का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया से मतदाताओं के अधिकारों को खतरा है। इसी विरोध प्रदर्शन के दौरान सौरव दास और आशुतोष रांका पर जंतर-मंतर के बंद गेट को पार कर परिसर में प्रवेश करने का आरोप लगा था।
  • दोनों की जमानत पर सुनवाई में हुई देरी और जमानतदारों को खारिज किए जाने को लेकर अब CJP और उससे जुड़े कार्यकर्ता सवाल उठा रहे हैं।

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