Who is MP minister Lakhan Patel? मध्य प्रदेश सरकार के एक बड़े फैसले की चर्चा दिल्ली तक हो रही है। सीएम मोहन यादव ने अचानक अपने कैबिनेट मंत्री लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस ले लिया है।

मध्य प्रदेश सरकार और सीएम मोहन यादव ने आज बड़ा फैसला किया है। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और बीजेपी के दिग्गज नेता लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस ले लिया है। साथ ही इस विभाग को मुख्यमंत्री ने अपने पास रखेंगे। यानि अब लखन पटेल के पास सिर्फ आनंद विभाग ही बचा है। इतना ही नहीं इस फैसले के तुरंत बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। हैरानी की बात यह है कि बिना किसी सुगबुगाहट के रातों-रात उनसे उनका मंत्रालय छीन लिया गया है।

मंत्री लखन पटेल की प्रोफाइल

मंत्री लखन पटेल मध्य प्रदेश बीजेपी के सीनियर नेता हैं। वह वर्तमान में प्रदे दमोह जिले के पथरिया विधानसभा सीट से विधायक हैं। जो कि 25 दिसंबर 2023 को मोहन यादव सरकार में पशुपालन मंत्री बनाए गए थे। 2013 में पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़े और चुनाव जीत गए। 2018 में पार्टी ने इसी सीट पर एक बार फिर से टिकट दिया, लेकिन बीएसपी की रामबाई से चुनाव हार गए। 2023 में पार्टी ने उन्हें फिर से टिकट दिया और चुनाव जीत गए। इसके बाद उन्हें मोहन कैबिनेट में स्वतंत्र प्रभार देकर अहम विभाग की जिम्मेदारी उन्हें दी।

बैंक में नौकरी भी कर चुके हैं लखन पटेल

बता दें कि ग्रीकल्चर में ही एमएससी करने वाले लखन पटेल राजनीति में आने से पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी करते थे। इस दौरान उन्होंने करीब 20 सालों तक सरकारी नौकरी की। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा। वह 2026 से 2014 तक जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दमोह के जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके अलावा लखन पटेल खेल-कूद में भी गहरी रुचि रखते हैं। वह स्टेट लेवल पर बैडमिंटन के खिलाड़ी रह चुके हैं।

लखन पटेल से क्यों छीना मंत्रालय

मध्य प्रदेश से लेकर दिल्ली तक सियासी गलियारों में यही चर्चा हो रही है कि आखिर लखन पटेल से ऐसी क्या गलती हो गई, जो उनसे रातों रात अचानक से विभाग छीन लिया गया। हालांकि इसको लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लेकिन कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है। वहीं अटकलें यही भी लगाई जा रही हैं कि गौशालाओं और पशुपालन विभाग में हो रही लापरवाहियों की वजह से दिल्ली हाईकमान के निर्देश के बाद इतना बड़ा एक्शन हुआ है।