मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि रोजगार सृजन, निवेश और तकनीक के जरिए मध्यप्रदेश को समृद्ध बनाना सरकार का लक्ष्य है। दावोस में निवेश के अवसर तलाशे जाएंगे। GIS-2025 की 30% परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिले, उत्पाद सही तरीके से बाजार तक पहुंचें और मध्यप्रदेश आर्थिक रूप से समृद्ध बने—इसी उद्देश्य के साथ सरकार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समृद्धि ही सरकार का मार्गदर्शक सिद्धांत है।

मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के लिए हर तरह की संभावनाएं मौजूद हैं। अच्छी और आधुनिक तकनीक को लागू करने के लिए विश्व के प्रमुख उद्योगपतियों और उद्यमियों को प्रदेश में आमंत्रित करना आवश्यक है। रोजगार से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है।

दावोस रवाना होने से पहले मीडिया से संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को नई दिल्ली से दावोस रवाना होने के अवसर पर टीवी चैनलों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम भारत की आर्थिक मजबूती के लिए एक श्रेष्ठ मंच है और इसमें मध्यप्रदेश की भागीदारी महत्वपूर्ण रहेगी।

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ऑर्गेनिक, कृषि और वस्त्र क्षेत्र में नए अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑर्गेनिक सेक्टर एक बड़ा क्षेत्र है, जिसमें फूड से लेकर अन्य उद्योगों तक व्यापार की व्यापक संभावनाएं हैं। इसके साथ ही कॉटन, वस्त्र उद्योग और अन्य क्षेत्रों में भी व्यापार और व्यवसाय के उन्नयन के कई अवसर मौजूद हैं, जिन्हें सरकार साकार करेगी।

तकनीक और रोजगार पर सरकार का फोकस

उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग क्षेत्र को बेहतर तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। रोजगार सृजन करने वाली गतिविधियों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है। जैविक क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो खाद्य पदार्थों से लेकर अन्य उद्योगों तक फैला हुआ है।

बदलते भारत में राज्यों के लिए सुनहरा अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब विश्व की तीसरी सबसे सशक्त अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे बदलते समय में देश के हर राज्य के पास आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों को भी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे वैश्विक आयोजनों में भाग लेना चाहिए।

GIS-2025 के सकारात्मक परिणाम

मुख्यमंत्री ने बताया कि भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से करीब 30 प्रतिशत परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं।

8.5 लाख करोड़ के विकास कार्य धरातल पर

उन्होंने कहा कि 25 दिसंबर को ग्वालियर में आयोजित अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक साथ 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया था। इस प्रकार अब तक कुल 8.5 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक विकास कार्य धरातल पर आ चुके हैं, जो प्रदेश की तेज़ ग्रोथ को दर्शाता है।

2026 किसानों की समृद्धि को समर्पित वर्ष

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 को प्रदेश के किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित किया गया है। मध्यप्रदेश में कृषि और उससे जुड़े उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य उत्पादन, उद्यानिकी और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनेगा।