Uttar Pradesh Flood Relief Work: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज यानी शनिवार को वाराणसी का दौरा करेंगे. यहां वो बाढ़ की स्थिति का जायजा लेंगे. सीएम योगी हवाई सर्वे करने के साथ-साथ अधिकारियों से मीटिंग करेंगे और राहत कैंप जाकर बाढ़ पीड़ितों को मदद भी बांटेंगे.

CM Yogi Adityanath Varanasi visit: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज यानी शनिवार को वाराणसी आ रहे हैं. यहां वो बाढ़ के हालात का जायजा लेंगे और प्रभावित लोगों के लिए चल रहे राहत के कामों की समीक्षा करेंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री शाम करीब 5:00 बजे वाराणसी पहुंचेंगे. शहर में आने से पहले वो हवाई सर्वे करके बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेंगे. सीएम योगी आजमगढ़ से वाराणसी आएंगे और यहां पुलिस लाइंस के 'सेफ हाउस' में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ मीटिंग करेंगे. ये मीटिंग करीब 20 मिनट तक चल सकती है, जिसमें बाढ़ के हालात और राहत के कामों पर चर्चा होगी. इसके बाद मुख्यमंत्री एक कॉलेज में बने बाढ़ राहत कैंप जाएंगे, जहां वो प्रभावित लोगों को राहत सामग्री बांटेंगे. बाद में, सीएम काल भैरव और विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे और फिर शाम करीब 7:30 बजे लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे।

उत्तर प्रदेश में बाढ़ के हालात

इस बीच, वाराणसी के लोगों के लिए थोड़ी राहत की खबर है. यहां गंगा नदी का जलस्तर अब घटने लगा है. वहीं, कोसी नदी का पानी बढ़ने से मुरादाबाद के मुंधा पांडे इलाके के कई हिस्सों में पानी भर गया है. सड़कें डूब गई हैं और लोगों की आवाजाही ठप हो गई है. यहां लोग प्रशासन की दी हुई नावों से सफर कर रहे हैं।

इससे पहले गुरुवार को सीएम योगी ने फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया था कि उनकी सरकार बाढ़ की इस बार-बार आने वाली समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए काम कर रही है. फर्रुखाबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा था कि सरकार बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों और पशुओं, दोनों की सुरक्षा के लिए कदम उठा रही है. उन्होंने प्रशासन को मवेशियों के लिए चारा, टीके और दवाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा, "हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि जिन इलाकों में बाढ़ का पानी गांवों में घुस गया है, वहां पशुओं को कोई नुकसान न हो. हर इलाके में मवेशियों के लिए चारा, टीके और जरूरी दवाएं मुहैया कराने के लिए युद्ध स्तर पर पूरी व्यवस्था की जा रही है."

वाराणसी प्रशासन ने तेज किए राहत कार्य

गंगा का जलस्तर बढ़ने से वरुणा नदी में भी उफान आ गया था, जिससे वाराणसी के कई निचले इलाके प्रभावित हुए. शुक्रवार को वाराणसी के नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने नाव से सलारपुर वॉर्ड के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और राहत व साफ-सफाई के इंतजामों का जायजा लिया।

इस दौरान उन्होंने रसूलगढ़, सलारपुर, कोनिया, सरैयां, पुलकोहना और खालिसपुर इलाकों का दौरा किया और अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए. वरुणा नदी के किनारों पर जमा कचरे को तुरंत साफ करने के निर्देश दिए गए ताकि कचरा पानी में न जाए. मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए प्रभावित इलाकों में नियमित फॉगिंग, कीटनाशक और एंटी-लार्वा स्प्रे का छिड़काव करने का भी आदेश दिया गया. दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए लोगों में क्लोरीन की गोलियां बांटी गईं और उनके सही इस्तेमाल के बारे में भी बताया गया. सलारपुर के राहत शिविरों में विस्थापित लोगों की सुविधा के लिए पर्याप्त रोशनी, सफाई, शौचालय और नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

शुक्रवार को ही वाराणसी के मेयर अशोक कुमार तिवारी ने भी मोटरबोट से बाढ़ प्रभावित तटीय इलाकों का सर्वे किया. वहीं, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने शहर भर के राहत शिविरों का निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने राहत शिविरों में लोगों से बातचीत की और अधिकारियों को समय पर भोजन, चिकित्सा सुविधाएं और जरूरी सामान मुहैया कराने का निर्देश दिया. बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया. राहत शिविरों में मेडिकल टीमों को चौबीसों घंटे उपलब्ध रहने का निर्देश दिया गया, जबकि अधिकारियों को साफ-सफाई बनाए रखने और भोजन तैयार करने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिला प्रशासन ने कहा कि उसकी प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और बुनियादी जरूरतों को सुनिश्चित करना है. सभी संबंधित विभागों को राहत कार्यों में सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है.