सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद Coffee Day शेयर 20% क्यों उछले? क्या DK Shivakumar–CCD फैमिली कनेक्शन ने बाजार में सट्टा बढ़ाया? क्या राजनीतिक बदलाव ही इस अपर सर्किट के पीछे असली कारण है? क्या निवेशकों की उम्मीदें और अफवाहें शेयरों को प्रभावित कर रही हैं?
बेंगलुरु / मुंबई। भारतीय राजनीति और स्टॉक मार्केट के बीच का रिश्ता हमेशा से ही बेहद संवेदनशील रहा है, लेकिन कर्नाटक के राजनीतिक ड्रामे ने दलाल स्ट्रीट पर एक ऐसी हलचल पैदा कर दी, जिसकी कल्पना शायद ही किसी निवेशक ने की होगी। गुरुवार को जैसे ही कर्नाटक के कद्दावर नेता सिद्धारमैया ने अचानक मुख्यमंत्री पद से अपने इस्तीफे की घोषणा की, वैसे ही शेयर बाजार में 'कॉफी डे एंटरप्राइजेज' (Coffee Day Enterprises) के काउंटरों पर खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कुछ ही मिनटों में, कैफ़े कॉफ़ी डे (CCD) ब्रांड की पैरेंट कंपनी के शेयर 20% का अपर सर्किट छूकर फ्रीज हो गए।

राजनीति के गलियारों में हो रहे एक इस्तीफे का असर सीधे एक मशहूर कॉफी चेन कंपनी के शेयरों पर इस कदर पड़ेगा, इसने हर किसी को हैरान कर दिया। लेकिन जब इस पूरे घटनाक्रम की परतों को खोला गया, तो इसके पीछे सत्ता की कुर्सी, एक मशहूर पारिवारिक विरासत और एक वैवाहिक गठबंधन का ऐसा ताना-बाना सामने आया, जिसने निवेशकों के बीच एक नई उम्मीद जगा दी है।
किंगमेकर से 'किंग' बनने की तैयारी: डीके शिवकुमार का बढ़ता कद
सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद, कर्नाटक की सत्ता की कमान संभालने के लिए जो नाम सबसे आगे चल रहा है, वह है राज्य के उपमुख्यमंत्री और संकटमोचक कहे जाने वाले डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) का। सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि शिवकुमार कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभालेंगे। जैसे ही यह खबर फैली, बाजार के पंडितों ने तुरंत शिवकुमार के राजनीतिक रसूख और उनके पारिवारिक संबंधों का विश्लेषण करना शुरू कर दिया। दरअसल, डीके शिवकुमार सिर्फ एक कद्दावर राजनेता ही नहीं हैं, बल्कि वे देश के सबसे अमीर और प्रभावशाली राजनीतिक चेहरों में से एक हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावना मात्र से ही उन सभी व्यावसायिक हितों को बल मिलने लगा है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उनके करीब माने जाते हैं।
'CCD' और डीके शिवकुमार: ससुर-दामाद का वह रिश्ता जिसने बदल दी बाजार की चाल
आखिर सिद्धारमैया के इस्तीफे और डीके शिवकुमार के संभावित राज्याभिषेक से कॉफी डे के शेयरों में 20% का अपर सर्किट कैसे लग गया? इस सस्पेंस का जवाब दोनों परिवारों के बीच के गहरे वैवाहिक संबंधों में छिपा है।
पारिवारिक जुड़ाव की इनसाइड स्टोरी
कॉफ़ी डे (CCD) के दिवंगत संस्थापक वीजी सिद्धार्थ (VG Siddhartha) के बेटे, अमर्त्य हेगड़े की शादी किसी और से नहीं, बल्कि डीके शिवकुमार की बेटी ऐश्वर्या से हुई है। इस तरह, डीके शिवकुमार और सीसीडी का मालिकाना हक रखने वाला परिवार आपस में बेहद करीबी रूप से जुड़ा हुआ है।
साल 2019 में वीजी सिद्धार्थ के दुखद निधन के बाद से ही कॉफी डे ग्रुप भारी कर्ज और कानूनी और वित्तीय संकटों से जूझ रहा है। हालांकि कंपनी ने संपत्तियों को बेचकर अपने कर्ज को काफी हद तक कम किया है, लेकिन निवेशकों को हमेशा से एक मजबूत बैकअप की तलाश थी।
निवेशकों का दांव: क्या मुख्यमंत्री की कुर्सी चमकाएगी ब्रांड की किस्मत?
शेयर बाजार हमेशा भविष्य की संभावनाओं और कयासों पर चलता है। निवेशकों के बीच यह धारणा बन गई है कि यदि डीके शिवकुमार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनते हैं, तो उनके इस सर्वोच्च राजनीतिक रसूख का अप्रत्यक्ष लाभ कॉफी डे एंटरप्राइजेज को मिल सकता है। एक शक्तिशाली मुख्यमंत्री का दामाद होने के नाते अमर्त्य हेगड़े और उनके परिवार की कंपनी को वित्तीय हलकों और कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग में एक नया आत्मविश्वास और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इसी सस्पेंस और 'पॉवर गेम' के चलते बाजार में भारी वॉल्यूम के साथ खरीदारी हुई और शेयर रॉकेट बन गए। अब देखना यह होगा कि कर्नाटक के राजभवन से शुरू हुआ यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में सीसीडी के बिजनेस को कितनी नई ऊंचाई दे पाता है।


