दमोह में पूरा परिवार खत्म : वो कौन सा दर्द? जिसमें खामोश हो गईं 3 जिंदगियां
मध्य प्रदेश के दमोह जिले में पति पत्नी और डेढ़ माह के बच्चे के शव मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। परिवार को भी समझ नहीं आ रहा कि आखिर उन्होंने किस वजह से सुसाइड कर लिया। पुलिस ने तीनों के शव जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

फंदे पर लटका था पूरा परिवार
मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। जहां एक पूरा परिवार खत्म हो गया। पति-पत्नी और डेढ़ साल की बेटी का शव घर के अंदर फांसे के फंदे पर लटके मिले। इस दर्दनाक घटना से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं मौक पर पुलिस और इलाके के लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है।
दर्दनाक घटना से इलाके में हड़कंप
मनीष केवट की साली और दसौदा की बहन भी मौके पर पहुंची। उसने बताया कि मनीष जीजा जी और दीदी ने कभी बताया नहीं कि वह किस बात से दुखी थी। हालांकि उन्होंने यह भी नहीं बताया कि वह आर्थिक रूप से परेशान थे। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही वजह का पता चलेगा।
मार्मिक घटना दमोह जिले के तेंदुखेड़ा की
दरअसल, यह मार्मिक घटना दमोह जिले के तेंदुखेड़ा कस्बे की है। जहां गुरुवार सुबह मनीष केवट (30), पत्नी दसौदा केवट और डेढ़ साल की की बेटी आरोही के शव घर में मिले। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया।
आखिर क्यों खत्म हुईं 4 जिंदगियां?
पुलिस की शुरूआती जांच में सामने आया है कि मनीष केवट पत्नी दसौदा के साथ तेंदूखेड़ा के मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। लेकिन उन्होंने अचानक सुसाइड कैसे और क्यों कर लिया इसके बारे में कोई नहीं जानता है। परिवार के लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी अपनी परेशानी के बारे में नहीं बताया।
दीवार पर कुछ लिखा था…
वहीं मामले की जांच कर रहे दमोह एसपी श्रुतिकीर्ति सोमवंशी ने बताया कि फिलहाल कोई स्पष्ट कारण समझ नहीं आ रहा है। पड़ोसियों और परिजन के बयान लिए जा रहे हैं। दीवार पर कुछ लिखा है, उसे भी जांच में लिया है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

