देहरादून में 25 वर्षीय मेडिकल छात्रा अपनी कार में मृत मिली। पिता ने HOD पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है, जबकि संस्थान ने छात्रा के पहले से मानसिक रूप से बीमार होने का दावा किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

देहरादून से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां पटेल नगर इलाके में बुधवार तड़के 25 साल की एक मेडिकल स्टूडेंट अपनी कार के अंदर मृत मिलीं। छात्रा का नाम तनवी था और वह हरियाणा के अंबाला की रहने वाली थीं। तनवी, श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज से पिछले तीन साल से मास्टर ऑफ सर्जरी (ऑप्थल्मोलॉजी) की पढ़ाई कर रही थीं। वह देहरादून में अपनी मां के साथ किराए के मकान में रहती थीं। उनके पिता, जो अंबाला में एक आयुर्वेद डॉक्टर हैं, ने अपनी बेटी के डिपार्टमेंट हेड (HOD) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि HOD की प्रताड़ना से तंग आकर ही उनकी बेटी ने यह खौफनाक कदम उठाया।

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पिता ने बताया कि मंगलवार देर रात जब बेटी ने फोन उठाना बंद कर दिया, तो वह घबराकर देहरादून के लिए निकल पड़े। उन्होंने कहा, "वह अपने HOD की वजह से बहुत परेशान थी। करीब चार महीने पहले ही HOD का प्रमोशन हुआ था। तब से वह मेरी बेटी पर दबाव बना रहे थे कि वह अपने थीसिस गाइड और पुराने HOD से कोई संपर्क न रखे।"

उन्होंने आगे बताया, "जब मेरी बेटी ने अपनी थीसिस का हवाला देते हुए मना कर दिया, तो HOD ने उसे ड्यूटी लॉग में '0' नंबर देने शुरू कर दिए। जबकि वह पढ़ाई में अच्छी थी और पहले उसे औसतन '6' नंबर मिलते थे। मंगलवार को भी उसने मुझे फोन किया और लगातार हो रही हैरेसमेंट के बारे में बताया। बाद में जब उसने मेरे फोन का जवाब नहीं दिया और घर भी नहीं लौटी, तो मुझे डर लगा कि कहीं उसने कोई गलत कदम न उठा लिया हो।"

पिता लगभग 3 बजे सुबह देहरादून पहुंचे। उन्होंने अपनी बेटी को अस्पताल के पास एक मंदिर के नजदीक खड़ी उसकी कार में बेहोश पाया, जहां वह ड्यूटी पर थी। उन्होंने बताया, "मैंने कार की पिछली खिड़की तोड़ी और देखा कि उसके बाएं हाथ में एक कैनुला लगा हुआ था। उसने शरीर में कोई केमिकल इंजेक्ट कर लिया था। मैं उसे तुरंत अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हम पूरी तरह टूट चुके हैं और न्याय चाहते हैं। हमने पटेलनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करा दी है।"

पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। सीनियर सब-इंस्पेक्टर प्रमोद शाह ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। उन्होंने कहा, "हालांकि, अभी केस दर्ज नहीं किया गया है क्योंकि पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"

छात्रा को पहले से थीं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं: इंस्टीट्यूट मैनेजमेंट

वहीं, इंस्टीट्यूट मैनेजमेंट का कहना है कि छात्रा को पहले से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं थीं और उसका इलाज चल रहा था। SGRRIMHS के चीफ PRO भूपेंद्र रतूड़ी ने कहा, "ऐसी जानकारी मिली है कि उसने पहले भी दो बार आत्महत्या की कोशिश की थी — एक बार दो साल पहले और फिर पिछले साल 31 दिसंबर को। उसके माता-पिता को इस बारे में पता था और वे उसका साइकियाट्रिक इलाज करा रहे थे।"

उन्होंने कहा, "उसकी हालत को देखते हुए, उसके माता-पिता कैंपस के पास ही रह रहे थे। उसकी मानसिक बीमारी के संबंध में माता-पिता की ओर से लिखित सहमति भी अतीत में मेडिकल सुपरिटेंडेंट के ऑफिस में जमा की गई थी।"

इंस्टीट्यूट ने बताया कि मामले की सूचना देहरादून SSP को दे दी गई है। "उसे सुबह करीब 3:15 बजे उसके गार्जियन द्वारा अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।"

बयान में आगे कहा गया, "हम यह भी बताना चाहते हैं कि कुछ लोग स्थिति का अनुचित लाभ उठा रहे हैं और डॉक्टरों और अस्पताल की छवि खराब करने के लिए FIR दर्ज करने की बात कर रहे हैं, जो सही नहीं है। इसका डॉक्टरों के मनोबल पर बुरा असर पड़ेगा। हम आपसे विनम्र निवेदन करते हैं कि मामले का संज्ञान लें और आवश्यक कार्रवाई करें।"

Disclaimer: आत्महत्या किसी समस्या का हल नहीं है। अगर आपके मन में भी सुसाइड या खुद को चोट पहुंचाने जैसे ख्याल आ रहे हैं तो आप फौरन घर-परिवार, दोस्तों और साइकेट्रिस्ट की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा आप इन हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करके भी मदद मांग सकते हैं। आसरा (मुंबई) 022-27546669, सुमैत्री (दिल्ली) 011-23389090, रोशनी (हैदराबाद) 040-66202000, लाइफलाइन 033-64643267 (कोलकाता)। मानसिक तनाव होने पर काउंसलिंग के लिए हेल्पलाइन नंबर 14416 और 1800 8914416 पर संपर्क कर घर बैठे मदद पा सकते हैं।