Delhi Airport Plane Collision: दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट और अकासा एयर के विमानों के विंग्स टकरा गए। बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्री सुरक्षित हैं। जानिए कैसे हुआ यह पूरा घटनाक्रम और क्या हो सकती है इसकी वजह।
दिल्ली एयरपोर्ट पर एक ऐसा हादसा होते-होते बचा, जो बड़ी दुर्घटना में बदल सकता था। रनवे के पास अचानक दो विमानों के पंख आपस में टकरा गए। कुछ सेकंड की इस घटना ने वहां मौजूद यात्रियों और स्टाफ की धड़कनें बढ़ा दीं। राहत की बात यह रही कि कोई भी यात्री या क्रू सदस्य घायल नहीं हुआ।
कैसे हुआ यह हादसा?
यह घटना दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 के पास हुई। जानकारी के मुताबिक Akasa Air का विमान QP 1406 दिल्ली से हैदराबाद के लिए रवाना होने वाला था, विमान पुशबैक के बाद खड़ा था, इसी दौरान SpiceJet का B737-700 विमान, जो लेह से आया था, टैक्सी कर रहा था इसी दौरान दोनों विमानों के विंग्स आपस में टकरा गए।\
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किन हिस्सों को हुआ नुकसान?
टक्कर के बाद दोनों विमानों को नुकसान पहुंचा, स्पाइसजेट विमान के दाहिने विंग का विंगलेट क्षतिग्रस्त हुआ, अकासा एयर विमान के लेफ्ट हॉरिजॉन्टल स्टेबलाइजर को नुकसान हुआ हालांकि, टक्कर ज्यादा गंभीर नहीं थी, इसलिए बड़ा हादसा टल गया।
यात्रियों को तुरंत उतारा गया
घटना के तुरंत बाद सुरक्षा को देखते हुए सभी यात्रियों को विमान से उतार दिया गया। दोनों विमानों को फिलहाल ग्राउंड कर दिया गया है, ताकि उनकी जांच और मरम्मत की जा सके।
स्पाइसजेट का आधिकारिक बयान
स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने बताया कि उनका विमान टैक्सी करते समय दूसरी एयरलाइन के विमान से टकरा गया। उन्होंने पुष्टि की कि विमान को दिल्ली में ही रोक दिया गया है, तकनीकी जांच के बाद ही आगे की उड़ान तय होगी
कितनी बड़ी थी यह चूक?
एविएशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एयरपोर्ट पर विमानों की मूवमेंट बेहद सटीक निर्देशों के तहत होती है।ऐसे में इस तरह की टक्कर यह संकेत देती है कि ग्राउंड मूवमेंट में किसी स्तर पर चूक हुई है या फिर कम्युनिकेशन में समस्या आई है, हालांकि, असली वजह जांच के बाद ही सामने आएगी।
क्यों टल गया बड़ा हादसा?
इस घटना में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि—
- दोनों विमान कम स्पीड पर थे
- टक्कर रनवे टेकऑफ के दौरान नहीं हुई
- सभी यात्री और क्रू पूरी तरह सुरक्षित रहे
अगर यही टक्कर हवा में या तेज रफ्तार में होती, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
जांच के बाद सामने आएंगे असली कारण
अब इस पूरे मामले की जांच की जाएगी। संभावना है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के निर्देश, ग्राउंड स्टाफ की भूमिका, पायलट कम्युनिकेशन इन सभी पहलुओं की जांच होगी।
दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई यह घटना भले ही बिना किसी नुकसान के खत्म हो गई, लेकिन यह एक बड़ा संकेत जरूर देती है। एविएशन जैसे संवेदनशील सेक्टर में छोटी सी गलती भी बड़ा हादसा बन सकती है। ऐसे में सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन और लगातार निगरानी बेहद जरूरी है। फिलहाल, सभी यात्रियों का सुरक्षित होना ही सबसे बड़ी राहत की खबर है।
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