PM MODI ON AKHILESH YADAV: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर बहस के दौरान पीएम मोदी ने अखिलेश यादव को अपना मित्र बताते हुए हल्का माहौल बना दिया। जानिए इस पूरे बयान, राजनीति और मजेदार पल की पूरी कहानी।

संसद का माहौल आमतौर पर गंभीर रहता है, लेकिन कभी-कभी ऐसे पल भी आ जाते हैं, जो सियासत के बीच हल्की मुस्कान छोड़ जाते हैं। गुरुवार को लोकसभा में ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री मोदी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को अपना “मित्र” बताते हुए कहा कि वे कभी-कभी उनकी मदद भी कर देते हैं। इस बयान पर सदन में हंसी गूंज उठी और खुद अखिलेश यादव भी मुस्कुराते नजर आए।

विशेष सत्र में गर्म बहस के बीच हल्का पल

16 अप्रैल से शुरू हुए संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है। इसी दौरान विपक्ष की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार संविधान के साथ छेड़छाड़ कर रही है, जबकि अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण को PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीति से जोड़कर अपनी बात रखी।

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“संविधान मेरे लिए सर्वोपरि है”

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि वे अति पिछड़े समाज से आते हैं, लेकिन उनका दायित्व पूरे देश को साथ लेकर चलने का है। उन्होंने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है, वह संविधान की ताकत की वजह से है और उनके लिए संविधान ही सबसे ऊपर है।

“अखिलेश जी कभी-कभी मदद कर देते हैं”

अपने भाषण के बीच पीएम मोदी ने जब यह कहा कि “अखिलेश जी मेरे मित्र हैं और कभी-कभी मदद कर देते हैं”, तो सदन का माहौल अचानक हल्का हो गया। इस टिप्पणी पर अखिलेश यादव भी हंस पड़े और कुछ देर के लिए राजनीतिक तनाव कम होता नजर आया।

महिला आरक्षण पर क्या बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कहा कि विकसित भारत का मतलब सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि, देश की आधी आबादी यानी महिलाओं की नीति निर्धारण में भागीदारी जरूरी है। उन्होंने यह भी माना कि इस फैसले में पहले ही देरी हो चुकी है और अब इसे और नहीं टालना चाहिए।

“यह मौका गंवाना नहीं चाहिए”

पीएम मोदी ने कहा कि संसद के सभी सदस्यों के लिए यह एक सौभाग्य का अवसर है कि वे देश की महिलाओं को नीति निर्माण में शामिल करने का रास्ता खोल रहे हैं। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि इस मौके को राजनीति से ऊपर उठकर देखें।

विरोध करने वालों को चेतावनी

प्रधानमंत्री ने उन दलों को भी संदेश दिया, जो महिला आरक्षण का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है, जिन्होंने महिलाओं के अधिकारों का विरोध किया, उन्हें चुनावों में नुकसान उठाना पड़ा है।

“राजनीति मत कीजिए, यह लोकतंत्र के लिए है”

पीएम मोदी ने साफ कहा कि इस बिल को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, यह फैसला किसी एक पार्टी के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए है।

“क्रेडिट का ब्लैंक चेक देने को तैयार हूं”

प्रधानमंत्री ने विपक्ष को एक तरह से खुला ऑफर देते हुए कहा कि अगर किसी को लगता है कि इस बिल में उनका राजनीतिक फायदा है, तो वे पूरा श्रेय लेने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा “हम विज्ञापन देकर सभी को धन्यवाद देंगे, सबकी फोटो छपवा देंगे, हमें क्रेडिट नहीं चाहिए।”

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