Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक 5 मंजिला बिल्डिंग गिरने से हड़कंप मचा हुआ है। बताया जाता है कि पूरी इमरात छात्रों से भरी थी। जिस वक्य यह हादसा हुआ उस दौरान कई स्टूडेंट अंदर थे। तो मलबे में कई दबे होने की आशंका है। अब इस हादसे पर सियासत भी तेज हो गई है।
नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने की घटना को "बेहद दुखद और चिंताजनक" बताया है। रविवार को हुए इस हादसे के बाद उन्होंने सरकार से "नींद से जागने" और लोगों की सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर कदम उठाने की अपील की। बता दें कि यह घटना रविवार दोपहर को हुई, जब सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत ढह गई। इसके बाद इमरजेंसी टीमों और पुलिस कर्मियों ने बड़े स्तर पर तलाशी और बचाव अभियान शुरू किया।
6 लोगों को मौत के मुंह से बचाया गया
अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली फायर डिपार्टमेंट को दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी, जिसके बाद मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए इमरजेंसी और आपदा बचाव टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। दिल्ली पुलिस ने बताया, "अब तक छह लोगों को बचाकर अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। तलाशी और बचाव अभियान अभी भी जारी है।"
40-50 साल पुरानी इमारत थी
पुलिस ने आगे कहा, "स्थानीय पूछताछ से पता चला है कि यह 40-50 साल पुरानी इमारत थी, जिसमें एक बेसमेंट और पांच ऊपरी मंजिलें थीं। इसे पीजी के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। घटना के वक्त बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।"
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने X पर लिखा, "दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि मलबे में फंसे लोग सुरक्षित और जल्दी से बाहर निकल आएं। दिल्ली में सरकार की लापरवाही के कारण ऐसे कई हादसे पहले भी हो चुके हैं। सरकार को अपनी नींद से जागना चाहिए। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई करने की जरूरत है।"
आतिशी से लेकर भारद्वाज ने दिल्ली सरकार पर लगाए आरोप
- आतिशी ने X पर एक पोस्ट में कहा, "दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की खबर बेहद दिल दहलाने वाली और चिंताजनक है। मलबे में छात्रों समेत कई लोगों के फंसे होने की आशंका बहुत परेशान करने वाली है। हम प्रशासन से अपील करते हैं कि राहत और बचाव कार्य पूरी तेजी से किया जाए और मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए।"
- उन्होंने आगे कहा, “सरकार को इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच करानी चाहिए और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक त्रासदियों को रोका जा सके।”
- AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा, "कुछ दिन पहले ही आपने देखा कि साकेत में चार मंजिला इमारत गिर गई। सरकार और MCD को यह मानने में पूरा एक हफ्ता लग गया कि वह चार मंजिला इमारत थी। शुरू में, वे यही दावा करते रहे कि इसमें केवल दो मंजिलें थीं... मैं आपको इस मामले के बारे में भी बता रहा हूं। एक चार मंजिला इमारत में अवैध पीजी चल रहा था... मानसून के मौसम में वहां अवैध रूप से बेसमेंट खोदा जा रहा था।"
दिल्ली में हो रहे दर्दनाक हादसे
सुरक्षा में चूक को लेकर प्रशासन की आलोचना करते हुए, AAP नेता और दिल्ली की पूर्व मेयर शैली ओबेरॉय ने भी X पर पोस्ट किया, "कभी इमारतें गिर रही हैं, तो कभी आग की घटनाएं दिल्ली को हिला रही हैं। सत्य निकेतन का दुखद हादसा बीजेपी की जर्जर शासन व्यवस्था और बीजेपी शासित MCD की विफलता का एक और सबूत है। न अवैध निर्माणों पर कोई कार्रवाई, न सुरक्षा नियमों का पालन, और न ही कोई जवाबदेही। इन हादसों की कीमत दिल्ली की जनता अपनी जान देकर क्यों चुकाए?"

