उत्तरी दिल्ली में यौन शोषण के आरोपी को बचाने के लिए उसके परिवार ने 2 पुलिसकर्मियों को घर में कैद कर लिया। इस मौके का फायदा उठाकर आरोपी खिड़की से फरार हो गया। पुलिस ने परिवार के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया है।
उत्तरी दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां यौन शोषण के एक आरोपी को बचाने के लिए उसके परिवार ने पुलिसवालों को ही घर में कैद कर लिया। ये पूरी घटना 8 अप्रैल की शाम करीब 7:30 बजे की है। पुलिस को आरोपी के बेटे ने फोन करके बताया था कि उसके पिता की तबीयत खराब है, इसलिए वो थाने नहीं आ सकते। इसी जानकारी पर एक सब-इंस्पेक्टर और एक हेड कांस्टेबल आरोपी के चौथी मंजिल वाले घर पर पहुंचे थे।
घर के अंदर आरोपी अपने परिवार के साथ मौजूद था। परिवार ने पुलिस का स्वागत किया, जिससे शुरुआत में पुलिस को कोई शक नहीं हुआ। लेकिन जैसे ही पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू की, माहौल बदल गया। आरोपी का एक बेटा चुपके से दरवाजे की तरफ गया और कुछ ही देर में बाहर से कुंडी लगा दी। इस तरह दोनों पुलिसकर्मी घर के अंदर कैद हो गए।
इसी बीच, आरोपी ने अचानक वॉशरूम जाने की बात कही। उसके परिवार वाले जोर देने लगे कि उसे ऊपर की मंजिल पर जाने दिया जाए। जब सब-इंस्पेक्टर ने अपने साथी कांस्टेबल को आरोपी के पीछे जाने के लिए कहा, तो आरोपी की पत्नी ने कथित तौर पर रास्ता रोक लिया। इस हंगामे का फायदा उठाकर दूसरा बेटा आरोपी को ऊपर की मंजिल पर ले गया और वहां भी ताला लगा दिया। साथ ही, पत्नी ने अपने फ्लोर का मेन गेट भी बंद कर दिया, जिससे पुलिसकर्मी पूरी तरह फंस गए।
जब तक फंसे हुए पुलिसकर्मियों ने थाने में खबर दी और मदद के लिए और पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची, तब तक आरोपी ऊपर की मंजिल की खिड़की से कूदकर फरार हो चुका था। पुलिस ने अब फरार आरोपी को पकड़ने के लिए कई टीमें बनाई हैं और उसकी तलाश में जुट गई है। परिवार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 221 (सरकारी काम में बाधा डालना), 127 (गलत तरीके से बंधक बनाना) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
