Diwali Puja Vidhi : दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा करते समय दिशा का विशेष महत्व माना जाता है। जानिए किस दिशा में बैठकर करें पूजन और घर में सबसे पहला दीपक कहां जलाना शुभ माना जाता है।

दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन लोग सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना के साथ घरों में दीपक जलाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिवाली पर किस दिशा में बैठकर पूजा करनी चाहिए और घर में सबसे पहला दीपक कहां जलाना शुभ माना जाता है? आइए जानते हैं दिवाली पूजन की सही दिशा और दीपक जलाने से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं।

दिवाली पर किस दिशा में बैठकर करें पूजा?

  • धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित वास्तु परंपराओं के अनुसार, दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए घर का ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा अच्छा माना जाता है। पूजा करते समय मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा इस तरह रखें कि पूजा करने वाले व्यक्ति का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रहे।
  • पूर्व दिशा को सूर्य और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है, जबकि उत्तर दिशा को धन और समृद्धि की दिशा माना जाता है। पूजा की जगह को साफ रखें और वहां दीपक, फूल, फल, मिठाई तथा पूजा की दूसरी सामग्री व्यवस्थित तरीके से रखें।

घर में सबसे पहला दीपक कहां जलाएं?

  • दिवाली पर दीपक जलाने की शुरुआत को लेकर भी कई धार्मिक मान्यताएं हैं। परंपरा के अनुसार, सबसे पहले घर के मुख्य दरवाजे पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इससे घर में रोशनी और खुशियों का स्वागत करने का प्रतीकात्मक संदेश मिलता है।
  • इसके बाद घर के मंदिर, तुलसी के पौधे और आंगन में दीपक जलाए जा सकते हैं। कुछ परिवारों में घर के अलग-अलग कोनों और प्रवेश द्वार के दोनों ओर भी दीपक रखने की परंपरा है।

दिवाली पर दीपक जलाते समय रखें इन बातों का ध्यान

  • पूजा स्थल पर साफ-सफाई जरूर रखें।
  • दीपक को सुरक्षित और स्थिर जगह पर रखें।
  • घी या तेल का दीपक अपनी परंपरा के अनुसार जलाएं।
  • दीपक को पर्दे, कागज और ज्वलनशील सामान से दूर रखें।
  • छोटे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दीपक दूर रखें।

मां लक्ष्मी की पूजा में रखें श्रद्धा और स्वच्छता

दिवाली का त्योहार केवल दीपक जलाने और सजावट करने तक सीमित नहीं है। यह परिवार के साथ खुशियां बांटने और नई शुरुआत का भी अवसर है। पूजा करते समय अपने परिवार की परंपराओं और पंडित की सलाह का ध्यान रखें। दिशा और दीपक से जुड़ी बातें धार्मिक और वास्तु मान्यताओं पर आधारित हैं। सबसे जरूरी है कि पूजा श्रद्धा, स्वच्छता और सुरक्षा के साथ की जाए।