गोला-बारूद पर खबरों से नाराज़ ट्रंप ने मीडिया पर 'देशद्रोह' का आरोप लगाया है। उन्होंने रिपोर्ट्स को झूठा बताते हुए जानकारी लीक करने वालों को जेल की धमकी दी और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया।
अमेरिका के गोला-बारूद के जखीरे पर छपी खबरों ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खासा नाराज कर दिया है। उन्होंने इन रिपोर्ट्स को न सिर्फ सिरे से खारिज किया, बल्कि इसे छापने वाले मीडिया संस्थानों पर 'देशद्रोह' का गंभीर आरोप भी लगा दिया। ट्रंप का गुस्सा यहीं नहीं थमा, उन्होंने इस तरह की जानकारी लीक करने वालों को भी नहीं बख्शा। ट्रंप ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि जो भी ऐसी संवेदनशील जानकारी लीक कर रहा है, उसे जेल की सज़ा भुगतनी पड़ेगी। उनका मानना है कि इस तरह की खबरें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने मीडिया या सरकारी अधिकारियों के खिलाफ इस तरह की सख्त भाषा का इस्तेमाल किया हो।
'देशद्रोही' कौन, मीडिया या लीक करने वाले?
ट्रंप ने उन रिपोर्ट्स को पूरी तरह गलत बताया है, जिनमें कहा गया था कि अमेरिकी सेना के गोला-बारूद के भंडार पर भारी दबाव है। उनके मुताबिक, ये खबरें बेबुनियाद हैं और देश को कमजोर दिखाने की साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने इस पूरे मामले में मीडिया की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अपने बयान में ट्रंप ने दोतरफा हमला बोला। एक तरफ उन्होंने मीडिया संस्थानों को 'देशद्रोही' सामग्री प्रकाशित करने का दोषी ठहराया। तो दूसरी तरफ, उन्होंने उन सरकारी स्रोतों को निशाने पर लिया, जहां से यह जानकारी बाहर आई। ज़ाहिर है, ट्रंप का यह अंदाज़ उनके समर्थकों को पसंद आ सकता है, लेकिन आलोचक इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमले के तौर पर देखते हैं। उनका कहना है कि जब भी कोई खबर प्रशासन के मनमुताबिक नहीं होती, तो ट्रंप जानकारी के स्रोत और उसे छापने वाले, दोनों को ही दुश्मन करार दे देते हैं। फिलहाल, इस धमकी के बाद अमेरिका में एक नई बहस छिड़ गई है।
