Flydubai Flight FZ1073 के ओमानी को-पायलट पर बेन गुरियन एयरपोर्ट को निशाना बनाने की साजिश का आरोप है। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘गाजा का बदला’ उसका मकसद था और जॉर्डन में US बेस Plan B था। जानें कैसे भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी और सूझबूझ से एक बड़ा विमान हादसा टल गया।

Flydubai Flight FZ1073: मिडिल ईस्ट से एक बेहद डरावनी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान के दौरान जो कुछ हुआ, उसने पूरी दुनिया की एविएशन इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, ओमान के रहने वाले को-पायलट अल-हम्मामी का मकसद गाजा संघर्ष का बदला लेना था। वह इस विमान को सीधे इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर क्रैश करना चाहता था। इतना ही नहीं, अगर उसका पहला प्लान फेल हो जाता, तो जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने का उसका 'प्लान B' भी पूरी तरह तैयार था।

Flydubai Attack: ‘गाजा का बदला’ था मकसद

जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि अल-हम्मामी ने पूछताछ के दौरान ‘गाजा का बदला’ लेने की बात कही। रिपोर्ट के मुताबिक, उसने हमले की तैयारी फ्लाइट से काफी पहले शुरू कर दी थी। जुलाई में भी हमले की योजना पर विचार किया गया था, लेकिन क्रू से निजी संबंध के कारण उसने उस समय कदम पीछे खींच लिया।

Plan B: जॉर्डन में US मिलिट्री बेस को निशाना बनाने की तैयारी

अगर विमान इजरायल नहीं पहुंच पाता तो अल-हम्मामी का कथित बैकअप प्लान जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाना था। अधिकारियों ने यह भी जांच शुरू की है कि उसने अकेले यह योजना बनाई थी या किसी दूसरे व्यक्ति से उसे मदद या निर्देश मिले थे। फिलहाल किसी आतंकवादी संगठन या विदेशी सरकार से उसके सीधे संबंध का ठोस सबूत सामने नहीं आया है।

भारतीय कैप्टन की बहादुरी और कॉकपिट में खूनी संघर्ष

यह पूरी भयानक साजिश तब खुली जब 30 सितंबर को दुबई से उड़ान भरने के बाद को-पायलट ने अचानक कैप्टन पर हमला कर दिया। विमान के भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छर ने गजब की सूझबूझ और बहादुरी दिखाई। हमले में बुरी तरह घायल होने के बावजूद, जब प्लेन अचानक हवा में तेजी से गोता खाने लगा (महज एक मिनट में करीब 17,000 फीट नीचे आ गया), तो कैप्टन ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने मुस्तैदी दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों के साथ मिलकर उस हमलावर को काबू में किया। इसके बाद सूझबूझ से काम लेते हुए विमान की सऊदी अरब में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

अकेले की साजिश या किसी बड़े आतंकी संगठन का हाथ?

इस घटना के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां और कई देशों की पुलिस हरकत में आ गई हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने अकेले ही इस पूरी साजिश को अंजाम देने की योजना बनाई थी, और फिलहाल किसी बड़े आतंकी संगठन से उसके सीधे जुड़े होने के पक्के सबूत नहीं मिले हैं। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भी उसके पुराने कनेक्शन की जांच कर रहे हैं। न्यूजीलैंड पुलिस ने पुष्टि की है कि उसने वहां 2018-19 के दौरान फ्लाइट ट्रेनिंग का एक हिस्सा किया था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके कथित प्लान के पीछे सिर्फ उसकी अपनी सोच थी या कोई व्यापक नेटवर्क भी था। हालांकि, उसके पिछले रिकॉर्ड, ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान के संपर्कों और उन देशों की यात्राओं की गहराई से छानबीन की जा रही है, जिन्हें इजराइल अपना दुश्मन मानता है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे कट्टरपंथ से जुड़ा एक आत्मघाती हमला करार दिया है, जिसके बाद से यूएई और इजराइल के बीच उड़ानों को फिलहाल निलंबित कर दिया गया है।