Flydubai FZ1073: फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के भीतर हुए खूनी संघर्ष और विमान के तेजी से नीचे गिरने की मिनट-दर-मिनट पूरी कहानी पढ़ें। भारतीय पायलट स्मित मच्छर की बहादुरी और 174 यात्रियों की सुरक्षित लैंडिंग का पूरा ब्यौरा।
Flydubai Flight: सोचिए, हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगे और उसी वक्त कॉकपिट से मदद की आवाजें आने लगें। फ्लाईदुबई की FZ1073 में बुधवार को कुछ ऐसा ही हुआ। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में अचानक दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प की खबर आई। देखते ही देखते विमान की ऊंचाई हजारों फीट घट गई, 7700 का इमरजेंसी कोड आया और फिर 7500 ने हाईजैक की आशंका पैदा कर दी। घायल कैप्टन स्मित मच्छार, यात्रियों और क्रू के हस्तक्षेप के बाद विमान आखिर तबुक पहुंचा। आखिर उड़ान भरने से लेकर इमरजेंसी लैंडिंग तक उन खौफनाक मिनटों में कब क्या हुआ, कैसे हालात बदले और विमान सुरक्षित कैसे उतरा? आइए जानते हैं पूरी घटना की मिनट टू मिनट कहानी।
सुबह 6:05 बजे: शांति से भरी एक सामान्य उड़ान की शुरुआत
बुधवार की सुबह फ्लाईदुबई की यह फ्लाइट दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तेल अवीव के लिए अपने निर्धारित समय पर रवाना हुई थी। इस विमान में 27 बच्चों समेत कुल 174 यात्री सवार थे और यह करीब तीन घंटे 15 मिनट की एक सामान्य कमर्शियल यात्रा होने वाली थी। शुरुआती दो घंटे तक आसमान में सब कुछ बिल्कुल सामान्य था। किसी को भी इस बात का जरा सा भी आभास नहीं था कि कुछ ही पलों में यह शांत सफर एक भीषण खौफ में बदलने वाला है।
सुबह 8:21 बजे: महज दो मिनट में 17,400 फीट नीचे गिरा विमान
अचानक फ्लाइट रडार और डेटा ट्रैकिंग ने विमान में एक खतरनाक गिरावट दर्ज की। विमान अपनी तय ऊंचाई से सिर्फ 30 सेकंड के भीतर 14,000 फीट नीचे आ गया और कुल दो मिनट से भी कम समय में यह लगभग 17,400 फीट नीचे धंस गया। शुरुआती खुलासों के अनुसार, को-पायलट की मंशा विमान को क्रैश करने की थी। खून से लथपथ होने के बावजूद, भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर ने अपनी जान की बाजी लगाकर उस हमलावर का डटकर मुकाबला किया और विमान को पूरी तरह तबाह होने से बचाने के लिए संघर्ष जारी रखा।
सुबह 8:38 बजे: हाईजैकिंग कोड एक्टिवेट और फाइटर जेट्स की एंट्री
विमान के इस तरह अचानक नीचे गिरने और कॉकपिट में मचे हाहाकार के बाद, फ्लाइट ने पहले 'स्क्वॉक 7700' यानी जनरल इमरजेंसी सिग्नल भेजा और उसके तुरंत बाद 'स्क्वॉक 7500' यानी हाईजैकिंग कोड एक्टिवेट कर दिया गया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए इजरायली वायुसेना ने तुरंत दो फाइटर जेट्स हवा में रवाना कर दिए। इसी बीच, विमान में सवार कुछ साहसी यात्री और अन्य ऑफ-रोस्टर रिलीफ पायलट कॉकपिट का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और उन्होंने मिलकर हमलावर को दबोच लिया।
सुबह 9:45 बजे: सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग
फाइटर जेट्स की कड़ी निगरानी और रिलीफ पायलटों की सूझबूझ के चलते विमान को अंततः सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया। विमान के जमीन पर आते ही सभी ने राहत की सांस ली। गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित मच्छर को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब स्थिर है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास लगातार उनके संपर्क में है। जहाँ फ्लाईदुबई इसे पायलटों के बीच आपसी कहासुनी बता रही है, वहीं इजरायली खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां इसे एक सोची-समझी आतंकी साजिश के रूप में देख रही हैं।
174 यात्रियों की जान बची, लेकिन कई सवाल बाकी
घटना के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार और यात्रियों की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि मच्छार के प्रतिरोध और यात्रियों-क्रू की कार्रवाई से बड़ी त्रासदी टली। हालांकि यह भी महत्वपूर्ण है कि घटना के पीछे वास्तविक वजह और कथित हमले की मंशा पर अभी जांच जारी है। फ्लाईदुबई ने भी औपचारिक जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष निकालने से बचने की अपील की है।


