हनीमून पर राजा रघुवंशी और शादी से पहले केतन अग्रवाल की मौत ने चौंकाया। दोनों मामलों में प्रेम संबंध, साजिश और हत्या के आरोपों ने बड़ा रहस्य खड़ा कर दिया।

प्रयागराज/पुणे: समय का फासला और सैकड़ों किलोमीटर की भौगोलिक दूरी भी दो अलग-अलग राज्यों में घटी इन वारदातों के खौफनाक पैटर्न को जुदा नहीं कर पाई। इंदौर के राजा रघुवंशी और पुणे के केतन अग्रवाल-दो ऐसे नौजवान, जिनके सिर पर सेहरा सजा था या सजने वाला था। दोनों को लगा था कि वे अपनी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत शुरुआत करने जा रहे हैं, लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि जिन हमसफ़रों के हाथ थामकर वे ऊंचे पहाड़ों की वादियों में घूम रहे हैं, वही उन्हें मौत की गहरी खाइयों में धकेलने की साजिश रच चुकी हैं। 2 जून, 2025 को हनीमून के दौरान मेघालय की एक खाई में एक दूल्हे की लाश मिलती है। ठीक एक साल बाद, 18 जून, 2026 को महाराष्ट्र के एक ऐतिहासिक किले की घाटी में एक और रईस मंगेतर गिरकर दम तोड़ देता है। इन दोनों हत्याओं की खौफनाक समानताएं आज न सिर्फ पुलिस बल्कि पूरे समाज को सन्न कर रही हैं।

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भाग 1: राजा रघुवंशी का 'परफेक्ट मैच'... जो हनीमून पर बना 'परफेक्ट मर्डर'

इंदौर के सहकार नगर के एक प्रतिष्ठित ट्रांसपोर्ट व्यवसायी परिवार के छोटे बेटे राजा रघुवंशी के जीवन में सब कुछ सही चल रहा था। 'समाज परिचय पुस्तिका' (पारंपरिक वैवाहिक डायरेक्टरी) के जरिए उनका रिश्ता कुशवाह नगर के एक प्लाईवुड फैक्ट्री मालिक की बेटी सोनम रघुवंशी से तय हुआ। सोनम पढ़ी-लिखी और अपने पिता के बिजनेस का अकाउंट्स व सुपरविज़न संभालने वाली एक आत्मनिर्भर लड़की थी। समाज की नजरों में यह एक 'परफेक्ट मैच' था। 11 मई को दोनों की धूमधाम से शादी हुई और नौ दिनों के भीतर यह नवविवाहित जोड़ा सुहाने मौसम का लुत्फ उठाने मेघालय के पहाड़ों की ओर रवाना हो गया। लेकिन 2 जून को वादियों की वह खामोशी चीख में बदल गई। राजा रघुवंशी का शव सिर पर गंभीर चोटों के साथ एक गहरी खाई में बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि उन पर किसी धारदार हथियार (माचेते) से हमला किया गया था। राजा का फोन बंद था और उनकी नई नवेली दुल्हन सोनम मौके से गायब थी।

साजिश का वो गुप्त किरदार

जब पुलिस ने इस रहस्यमयी मौत की कड़ियां जोड़ीं, तो एक सुनियोजित कत्ल का सच सामने आया। सोनम इस शादी से खुश नहीं थी। उसका दिल अपने पिता की फैक्ट्री के बिलिंग डिपार्टमेंट में काम करने वाले राज कुशवाह के लिए धड़कता था। पुलिस जांच के अनुसार, सोनम और उसके प्रेमी राज ने मिलकर इस हनीमून ट्रिप को मौत के जाल में बदल दिया। आज सोनम और उसका प्रेमी सलाखों के पीछे अपने गुनाहों की सजा भुगत रहे हैं।

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भाग 2: लोहागढ़ फोर्ट की वो 'बर्थडे ट्रेकिंग' और 17 करोड़ की शादी का खूनी अंत

अभी मेघालय की इस खौफनाक वारदात को एक साल ही बीता था कि 18 जून, 2026 को पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में इससे भी ज्यादा हैरान करने वाला मामला सामने आया। महाराष्ट्र के जाने-माने कंस्ट्रक्शन किंग विशाल अग्रवाल के बेटे, केतन अग्रवाल की शादी नवंबर में उदयपुर के एक आलीशान महल में होने वाली थी। इस शाही शादी के लिए परिवार ने 17 करोड़ रुपये में पैलेस बुक किया था और मेहमानों के लिए दो प्राइवेट जेट तक का इंतजाम हो चुका था। शादी से ठीक पहले, केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल का जन्मदिन मनाने के लिए पुणे के पास मशहूर लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के लिए गए थे। कुछ देर बाद पहाड़ी पर चीख-पुकार मच गई। सिया ने रोते हुए बयान दिया कि घाटी के किनारे फोटो खिंचवाते समय केतन का पैर फिसल गया और वह गहरी खाई में गिर गए। शव को निकालने में रेस्क्यू टीम को तीन घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

कैमरे के पीछे छुपा था 'तीसरा' शख्स

शुरुआत में यह एक दर्दनाक हादसा लग रहा था, लेकिन एसएसपी संदीप सिंह गिल के नेतृत्व में जब पुलिस ने मोबाइल डेटा, टेलीफोन रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद चश्मदीदों के बयान खंगाले, तो सिया की कहानी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। सच यह था कि सिया इस शादी के खिलाफ थी। वह अपने कलीग चेतन चौधरी से प्यार करती थी। पुलिस के मुताबिक, जन्मदिन की ट्रेकिंग का नाटक सिर्फ इसलिए रचा गया था ताकि केतन को रास्ते से हटाया जा सके। जांच में खुलासा हुआ कि घटना के वक्त प्रेमी चेतन चौधरी भी उसी पहाड़ी पर मौजूद था और दोनों ने मिलकर केतन को गहरी घाटी में धक्का दे दिया था। दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

खौफनाक समानताएं: आखिर क्यों बली चढ़े दो बेकसूर?

इन दोनों हाई-प्रोफाइल मामलों का विश्लेषण करें तो रोंगटे खड़े कर देने वाली समानताएं सामने आती हैं:

  • दिखावे का रिश्ता: दोनों ही मामलों में युवतियों ने सामाजिक या पारिवारिक दबाव में आकर औपचारिक रूप से रिश्तों को स्वीकार किया, जबकि उनका दिल कहीं और था।
  • भरोसे का कत्ल: राजा और केतन दोनों को लगा कि वे अपने हमसफ़र के साथ एक खूबसूरत भविष्य की शुरुआत कर रहे हैं। एक हनीमून मना रहा था, तो दूसरा अपनी जिंदगी की सबसे महंगी और भव्य शादी के ख्वाब बुन रहा था।
  • लोकेशन का चुनाव: दोनों ही मामलों में कातिलों ने प्रकृति की खूबसूरत वादियों (पहाड़ों और खाइयों) को चुना, ताकि हत्या को एक 'दुर्घटना' का रूप दिया जा सके।

फिलहाल, सोनम जेल की कोठरी में अपने अंजाम का इंतजार कर रही है, वहीं केतन की मौत की मास्टरमाइंड सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की किस्मत का फैसला भी अब कानून की चौखट पर होना तय है। इन दोनों घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि जब रिश्तों में जबरदस्ती और फरेब का जहर घुलता है, तो खूबसूरत वादियां भी श्मशान बन जाती हैं।