गाजियाबाद में 16 साल से कम उम्र की तीन बहनों की आत्महत्या मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। पिता द्वारा मोबाइल फोन छीने जाने, भारी कर्ज और कोरियाई कंटेंट की लत को जांच से जोड़ा जा रहा है। पुलिस और फोरेंसिक जांच जारी है। 

Ghaziabad Triple Sisters Suicide Case Latest News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 16 साल से कम उम्र की तीन बहनों की आत्महत्या का मामला अब और उलझता जा रहा है। जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो बेहद चौंकाने वाले हैं। मसलन, लड़कियों के पिता चेतन कुमार की दो नहीं बल्कि तीन बीवियां हैं। खास बात ये है कि ये तीनों आपस में सगी बहनें हैं। इसके अलावा भी इस केस में कई चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं।

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तीन पत्नियां, तीनों सगी बहनें

पुलिस के मुताबिक, चेतन कुमार की तीन पत्नियां हैं। इनके नाम सुजाता (निशिका की मां), हिना (प्राची और पाखी की मां) और टीना हैं। तीनों पत्नियां आपस में सगी बहनें हैं। बता दें कि खुदकुशी करने वाली तीनों बहनें निशिका (16 वर्ष), प्राची (14 वर्ष) और पाखी (12 वर्ष) हैं। तीनों बहनों का अंतिम संस्कार बुधवार को दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया गया।

मां की तुलना में पिता के ज्यादा क्लोज थीं लड़कियां

जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों लड़कियां अपनी मां की तुलना में पिता के ज्यादा करीब थीं। पुलिस का मानना है कि शायद इसी वजह से सुसाइड नोट में केवल पिता का जिक्र किया गया है और किसी भी जगह मां का नाम नहीं लिखा गया।

मोबाइल फोन छीने जाने से बढ़ा मानसिक तनाव

जांच में सामने आया है कि तीनों बहनों को उस समय गहरा मानसिक तनाव हुआ, जब उनके पिता चेतन कुमार ने उनके मोबाइल फोन छीन लिए। इसके बाद उन्होंने बिजली का बिल चुकाने के लिए वे मोबाइल फोन बेच दिए। पिता चेतन कुमार ने पुलिस को बताया कि उन्होंने यह कदम बेटियों द्वारा कोरियाई कंटेंट और ऐप्स का अत्यधिक इस्तेमाल करने की वजह से उठाया था।

घटना वाली रात क्या हुआ?

पुलिस जांच के मुताबिक, घटना वाली रात तीनों लड़कियां अपनी मां का मोबाइल फोन लेने में सफल हो गई थीं। हालांकि, वे उस फोन में कोरियाई ऐप्स और कंटेंट को एक्सेस नहीं कर पाईं, जिन्हें वे देखना चाहती थीं। इसी वजह से तीनों बहनें ऑनलाइन गेम नहीं खेल सकीं और अपने कोरियाई दोस्तों से बात भी नहीं कर पाईं। फोरेंसिक टीम ने जांच में यह भी बताया कि उनकी मां के मोबाइल फोन में कोरियाई कंटेंट से जुड़े किसी ऐप का एक्सेस नहीं मिला।

IMEI नंबर के जरिए बेचे गए मोबाइल का पता लगा रही पुलिस

हाथ से लिखा सुसाइड नोट और मोबाइल मैसेज सहित फिंगरप्रिंट सैंपल फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। साथ ही साइबर क्राइम टीम IMEI नंबर के जरिए उन लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने मोबाइल फोन खरीदे थे, ताकि कोरियाई ऐप्स और डेटा रिकवर किया जा सके।

पॉकेट डायरी से मिले अहम संकेत

शुरुआती जांच में बहनों के कमरे से 8 पन्नों की एक पॉकेट डायरी मिली है। इसमें कोरियाई संस्कृति और कंटेंट के प्रति गहरे लगाव के साथ-साथ पारिवारिक कलह के संकेत भी मिले हैं। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इस मामले को आत्महत्या माना जा रहा है। जांच का फोकस पिता की कथित ऑनलाइन गेमिंग की लत, पारिवारिक हालात और अन्य सभी जुड़े पहलुओं की पुष्टि पर है।