गोवा में पैरासेलिंग के दौरान रस्सी टूटने से एक पर्यटक समुद्र में गिर गया, जिसे बचा लिया गया। इस घटना ने भारत में एडवेंचर स्पोर्ट्स की सुरक्षा पर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। पुलिस ऑपरेटर के उपकरणों की गुणवत्ता की जांच कर रही है।
'इंडिया में कभी कोई एडवेंचर एक्टिविटी मत करना'। इस चेतावनी के साथ सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। यह डरावना वीडियो गोवा का है, जो अपने वॉटर स्पोर्ट्स के लिए मशहूर है। वीडियो में पैरासेलिंग के दौरान हवा में रस्सी टूटने के बाद एक टूरिस्ट सीधे अरब सागर में गिरता दिख रहा है। गनीमत रही कि पास में मौजूद बोट क्रू ने फौरन रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। वीडियो वायरल होने के बाद भारत के टूरिस्ट स्पॉट्स पर एडवेंचर स्पोर्ट्स की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं।
रस्सी टूटी, समुद्र में गिरा टूरिस्ट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के बाद गोवा पुलिस ने ऑपरेटर के इक्विपमेंट की क्वालिटी को लेकर जांच शुरू कर दी है। यह घटना गोवा के सबसे मशहूर टूरिस्ट स्पॉट्स में से एक, बागा बीच पर हुई। जो वीडियो सामने आया है, वो उसी बोट से शूट किया गया था जिससे पैरासेलिंग कराई जा रही थी। वीडियो में साफ दिख रहा है कि पैराशूट जैसे ही हवा में ऊपर उठता है, उससे जुड़ी रस्सी टूट जाती है और टूरिस्ट ऊंचाई से सीधे समुद्र में जा गिरता है। बताया जा रहा है कि जिस बोट से पैरासेलिंग हो रही थी, उसी ने रेस्क्यू भी किया।
वीडियो में यह भी दिख रहा है कि घटना के वक्त बोट पर दो से ज्यादा लोग मौजूद थे। इस हादसे ने भारत में एडवेंचर स्पोर्ट्स में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की खराब क्वालिटी और ट्रेनिंग की कमी को एक बार फिर उजागर कर दिया है। पिछले साल भी गोवा में केरी पठार से उड़ान भरने के बाद एक पैराग्लाइडर चट्टान से टकरा गया था। इस हादसे में पुणे की 27 साल की एक महिला और उनके 26 साल के इंस्ट्रक्टर की मौत हो गई थी।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग जमकर गुस्सा निकाल रहे हैं। कई यूजर्स ने ऐसे स्पोर्ट्स पर पूरी तरह से बैन लगाने से लेकर 100% इक्विपमेंट ऑडिट की मांग की है। एक यूजर ने लिखा, "एडवेंचर स्पोर्ट्स पर सख्त नियम लागू होने से पहले हमें और कितने हादसों की जरूरत पड़ेगी? अब 100% इक्विपमेंट ऑडिट होना ही चाहिए।" एक अन्य यूजर ने लिखा कि ऐसे स्पोर्ट्स कराने वालों की दिलचस्पी सिर्फ भीड़ जुटाने में होती है, न कि उपकरणों की सुरक्षा पक्की करने में।


