Gorakhpur BJP Councillor News: गोरखपुर के बीजेपी पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने अखिलेश यादव से मुलाकात की है। इसके बाद सपा में शामिल होने और सहजनवां से चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले गोरखपुर की सियासत में एक मुलाकात ने नई चर्चा छेड़ दी है। बीजेपी के गोरखपुर नगर निगम पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की है। तस्वीर सामने आते ही सवाल उठने लगा कि क्या बीजेपी के पार्षद जल्द सपा का दामन थामने की तैयारी में हैं? हालांकि, अभी तक विश्वजीत त्रिपाठी या सपा की ओर से उनके पार्टी में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

अखिलेश से मुलाकात के बाद क्यों बढ़ी हलचल?

विश्वजीत त्रिपाठी की अखिलेश यादव के साथ मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई है। चुनाव करीब होने के कारण इस मुलाकात के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।

मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि बताया जा रहा है कि बीजेपी के प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय मंत्री विनोद तावड़े ने भी त्रिपाठी को मिलने के लिए बुलाया था। इसके बावजूद उन्होंने अखिलेश यादव से मुलाकात की। इससे उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं।

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रवि किशन से जलभराव पर हुई थी तीखी बातचीत

विश्वजीत त्रिपाठी कुछ समय पहले गोरखपुर में जलभराव की समस्या को लेकर सांसद रवि किशन से फोन पर बात करने के बाद भी सुर्खियों में आए थे। इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

दावे के मुताबिक, समस्या उठाने पर रवि किशन ने उनसे भोजपुरी में पूछा था कि क्या वह सपा के नेता बन गए हैं। जवाब में त्रिपाठी ने भी पलटवार करते हुए कहा था कि शहर में पानी भरने की शिकायत करने पर क्या सपा ज्वाइन कर लेनी चाहिए। अब अखिलेश यादव से मुलाकात को उस पुराने विवाद के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

सहजनवां सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा

विश्वजीत त्रिपाठी के सहजनवां विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा की भी चर्चा है। सूत्रों के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि अखिलेश यादव ने उन्हें टिकट को लेकर आश्वासन दिया है और वह जल्द सपा में शामिल हो सकते हैं।

हालांकि, टिकट या पार्टी बदलने को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। त्रिपाठी पहले समाजवादी पार्टी में रह चुके हैं। ऐसे में उनकी अखिलेश से मुलाकात ने यूपी चुनाव से पहले गोरखपुर की सियासत में अटकलों को जरूर हवा दे दी है।

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